कोरोना मरीज़ों के लिए रेलवे बना संकटमोचक, पालघर में तैयार किए 21 आइसोलेशन कोच

रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक आज रात तक इस आइसोलेशन कोच को पालघर स्थानीय प्रशासन को सौंप दिया जाएगा.

रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक आज रात तक इस आइसोलेशन कोच को पालघर स्थानीय प्रशासन को सौंप दिया जाएगा.

Maharashtra Corona Case: पालघर स्टेशन पर पश्चिम रेलवे द्वारा मुहैया कराए गए आइसोलेशन रेक के प्रत्येक डिब्बे में 18 बेड्स लगाए गए हैं, जिनमें से 16 का इस्तेमाल कोरोना मरीजों के लिए होगा, जबकि दो उनका इलाज करने वाले मेडिकल स्टाफ के लिए होंगे.

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मुंबई. मुम्बई सहित पूरे महाराष्ट्र में कोरोना कहर के बीच रेलवे (Indian Railways) फिर से संकटमोचक बनती दिख रही है. बढ़ती कोरोना मरीजों की संख्या के चलते बेड्स की काफी किल्लत होने के बाद (Maharashtra Corona Cases) रेलवे ने पालघर स्टेशन पर 22 आइसोलेशन कोच तैयार किए हैं, जिसमें कोरोना मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज किया जाएगा. यह आइसोलेशन कोच महाराष्ट्र सरकार की मांग के बाद रेलवे ने मुहैया करवाए हैं. 22 आइसोलेशन कोच में से 21 कोरोना मरीजों के लिए होंगे, जबकि एक एसी कोच मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टरों और अन्य मेडिकल स्टाफ के आराम करने के लिए होगा.

पालघर स्टेशन पर पश्चिम रेलवे द्वारा मुहैया कराए गए आइसोलेशन रेक के प्रत्येक डिब्बे में 18 बेड्स लगाए गए हैं, जिनमें से 16 का इस्तेमाल कोरोना मरीजों के लिए होगा, जबकि दो उनका इलाज करने वाले मेडिकल स्टाफ के लिए होंगे. आइसोलेशन रेल के 21 कोच में कुल 378 मरीजों को भर्ती किया जा सकेगा. प्रत्‍येक डिब्‍बे में २ ऑक्सीजन सिलिंडर, डस्टबिन और हर मरीज के लिए चादर, तकिया व नैपकिन की व्‍यवस्‍था की गई है.

प्रत्येक कोच में लगाए गए हैं 6 वाटर कूलर

साथ ही प्रत्‍येक डिब्‍बे में पानी की समुचित व्यवस्था के साथ एक बाथरूम और तीन शौचालय उपलब्‍ध कराए गए हैं. इतना ही नहीं, कोच की छत गर्म न हो, उसके लिए छत के ऊपर बोरों का इस्तेमाल किया गया है. इतना ही नहीं, प्रत्येक कोच में 6 वाटर कूलर लगाए गए हैं, ताकि मरीजों को गर्मी कम से कम लगे. पश्चिम रेलवे के डीएमओ दिनेश गोयल ने बताया कि हमने अपनी तैयारी पूरी कर ली है और इसे आज स्थानीय प्रशासन को सौंप दिया जाएगा. कुल 378 बेड्स आइसोलेशन कोच में बनाए गए हैं.


बीचो-बीच बनाया गया है डॉक्टरों का कोच

पश्चिम रेलवे के इस आइसोलेशन कोच में कोरोना मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के आराम करने के लिए एक एसी कोच की व्यवस्था की गई है, जिसमें रेलवे ने बिस्तर लगा दिए हैं. यह एसी कोच कोरोना मरीजों के कोच के ठीक बीचों-बीच है, ताकि जरूरत पड़ने पर वह तुरंत पहुंच सकें.



रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक आज रात तक इस आइसोलेशन कोच को पालघर स्थानीय प्रशासन को सौंप दिया जाएगा और 5 मई से इसमें मरीजों को भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. इससे पहले पश्चिम रेलवे ने राज्य सरकार की डिमांड पर नंदुरबार जिले में आइसोलेशन कोच मुहैया कराया था, जबकि मध्य रेलवे ने नागपुर में. पश्चिम रेलवे के मुंबई मंडल में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए १२८ कोच तैयार करके रखे हुए हैं, ताकि जैसे जरूरत पड़े, तुरंत मुहैया कराया जा सके, जबकि मध्य रेलवे ने भी 300 से ज्यादा आइसोलेशन कोच तैयार करके रखा हुआ है.

इतना ही नहीं रेलवे ऑक्सीजन एक्सप्रेस के जरिए अलग-अलग राज्यों में बेहद कम समय मे ऑक्सीजन पहुंचाकर लोगों की जान भी बचा रही है. कुल मिलाकर देखें तो कोरोना की दूसरी लहर में भी रेलवे फिर से पूरे देश के लिए संकटमोचक साबित हो रही है.
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