महाराष्ट्र में कोविड-19 से जुड़ी दवा लेने के लिए अब आधार कार्ड और टेस्ट रिपोर्ट जरूरी
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महाराष्ट्र में कोविड-19 से जुड़ी दवा लेने के लिए अब आधार कार्ड और टेस्ट रिपोर्ट जरूरी
रेमडेसिवीर (Remdesivir) का दाम अधिकतम 5,400 रुपए है.

महाराष्ट्र (Maharashtra) सरकार के नए नियम के मुताबिक अब कोरोना (Coronavirus) से जुड़ी दवा खरीदने वाले को आधार कार्ड, COVID-19 परीक्षण प्रमाण पत्र, डॉक्टर के पर्चे और फोन नंबर देने पर ही दवा दी जाएगी.

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मुंबई. देश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण का सबसे ज्यादा असर महाराष्ट्र (Maharashtra) में देखने को मिल रहा है. हालात ये हैं कि महाराष्ट्र में कोरोना वायरस रोगियों के लिए निर्धारित प्रमुख दवाओं की कमी पड़ गई है और उनकी कालाबाजारी (Black Marketing) शुरू हो गई है. दवाओं (medicine) की कालाबाजारी के बीच अब राज्य सरकार ने इन दवाओं की खरीद के लिए कड़े नियम जारी किए हैं. नए नियम के मुताबिक अब कोरोना से जुड़ी दवा खरीदने वाले को आधार कार्ड, COVID-19 परीक्षण प्रमाण पत्र, डॉक्टर के पर्चे और फोन नंबर देने पर ही दवा दी जाएगी.

देश में कोरोना से सबसे अधिक महाराष्ट्र प्रभावित दिख रहा है. महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड तोड़ 8,139 नए मामले सामने आने के बाद राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 2,46,600 हो गई है. हालात ये हैं कि दवा की दुकानों पर लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं. लोगों की शिकायत है कि ड्रग्स रेमेडिसविर और टोसिलिज़ुमब बाजार से पूरी तरह से गायब हो चुकी हैं. हालांकि खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री, राजेंद्र शिंगने ने दावा किया है कि सरकार के पास पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध हैं. उन्होंने कहा कि पिछले दो तीन दिनों से शिकायत आ रही है कि दवाओं की कालाबाजारी की जा रही है. हम अब कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई करने जा रही है.

शिंगने ने कहा कि बाजार में दवाओं की कालाबाजारी को देखते हुए सरकार ने कड़े नियम बनाए हैं. अब कोरोना से जुड़ी दवाएं लेने के लिए डॉक्टर के पर्चे, आधार कार्ड और फोन नंबर भी दुकानदार को लिखवाना होगा. उन्होंने कहा कि अगर कोई भी दुकानदार दवा के ज्यादा पैसे ले रहा है तो इसकी शिकायत सरकारी हेल्पलाइन नंबर पर कर सकते हैं. सरकार तुरंत कार्रवाई करेगी.



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बता दें कि कोविड-19 (COVID-19) के इलाज में काफी कारगर बताई जा रही 4,000 रुपए की ये दवा बाजार में 60,000 रुपए तक में बेची जा रही है. गिलियड का रेमेडिविर सिप्ला ब्रांड के सिप्रेमी नाम पर, हेटेरो द्वारा कोविफोर और माइलान द्वारा डेसर्टम के नाम पर बेची जाने वाली दवा का दाम बाजार में 4,000 और 5,400 रुपये के बीच होता है, बशर्ते इसे ईमानदारी से बेचा जाए. हालांकि मौजूदा परिस्थितियां इस ओर इशारा नहीं करती हैं.
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