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आत्मनिर्भर भारत: पुणे की इस दुकान में अलग-अलग रखे जा रहे स्वदेशी और विदेशी उत्पाद

दुकान में 'आत्म-निर्भर भारत' और 'स्वेदशी इस्तेमाल करें' लिखे स्टीकर भी चिपकाए गए हैं (सांकेतिक तस्वीर)

दुकान में 'आत्म-निर्भर भारत' और 'स्वेदशी इस्तेमाल करें' लिखे स्टीकर भी चिपकाए गए हैं (सांकेतिक तस्वीर)

देश में बने उत्पाद खरीदने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) की 'आत्म-निर्भर भारत' (Aatmanirbhar Bharat) बनने अपील का समर्थन करते हुए इस दुकान में स्वदेशी और विदेशी उत्पादों को अलग-अलग रखा गया है.

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    पुणे. महाराष्ट्र (Maharashtra) के पुणे (Pune) में सहकारिता विभाग की एक दुकान ने देश में बने उत्पाद खरीदने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) की अपील का समर्थन करते हुए अपने यहां स्वदेशी और विदेशी उत्पादों को अलग-अलग रखा है. 'ग्राहक पेठ' नामक स्टोर के प्रबंध निदेशक सूर्यकांत पाठक ने कहा कि उनके इस कदम को ग्राहकों की ओर से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है. उन्होंने कहा, 'हमने दुकान में 'आत्म-निर्भर भारत' (Aatmanirbhar Bharat) और 'स्वेदशी इस्तेमाल करें' लिखे स्टीकर भी चिपकाए हैं. कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से आत्म-निर्भर बनने और देश में बना सामान खरीदने की अपील की थी.'

    लोगों की जानकारी के लिए की ऐसी पहल
    पाठक ने कहा, 'बहुत से लोग यह नहीं जानते कि कौन सा उत्पाद स्वदेशी है और कौन सा विदेशी. इसलिये हमने यह पहल की है. बड़ी संख्या में ग्राहक भारतीय उत्पाद खरीद रहे हैं और देश में बने उत्पाद उपलब्ध नहीं होने पर उनके आने का इंतजार भी कर रहे हैं.'

    प्रधानमंत्री मोदी ने 12 मई को देश के नाम संबोधन में कहा था कि कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते पूरी दुनिया के सामने खड़े संकट के बीच आत्मनिर्भर भारत बनाना ही तरक्की का एकमात्र रास्ता है.

    सरकार ने भी खरीद के नियमों में किये बदलाव
    देश को आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक खरीद में स्थानीय उत्पादों को अधिक से अधिक वरीयता देने के लिए सरकार ने भी अपने खरीद नियमों में अहम बदलाव किए हैं. इससे उन कंपनियों को प्राथमिकता मिलेगी, जिनके माल और सेवाओं में 50 प्रतिशत से अधिक स्थानीय सामग्रियों का उपयोग होगा. देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार की कोशिश ‘मेक इन इंडिया’(Make In India) को आगे बढ़ाने की भी है.

    संशोधित सार्वजनिक खरीद (मेक इन इंडिया को वरीयता) आदेश-2017 में श्रेणी-1, श्रेणी-2 और गैर-स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं का वर्गीकरण पेश किया गया है. इसी के आधार पर उन्हें सरकार की ओर से माल एवं सेवाओं की खरीद में वरीयता दी जाएगी.

    इस तरह रखी गई हैं श्रेणियां
    श्रेणी-1 के स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं को सभी सरकारी खरीद में वरीयता दी जाएगी, क्योंकि उनके उत्पादों में स्थानीय सामग्री 50 प्रतिशत या उससे अधिक होगी. इसके बाद श्रेणी-2 के आपूर्तिकर्ता होंगे, जिनके उत्पादों में स्थानीय सामग्री का प्रतिशत 20 से अधिक लेकिन 50 प्रतिशत से कम होगा.

    बीस प्रतिशत से कम स्थानीय सामग्री वाले सामान या सेवाएं पेश करने वाली कंपनियों को ‘गैर-स्थानीय आपूर्तिकर्ता’ की श्रेणी में रखा गया है. ये कंपनियां सरकारी खरीद की निविदाओं में भाग नहीं ले सकेंगी. हालांकि इन्हें सरकारी खरीद की वैश्विक निविदाओं में प्रतिभाग करने की अनुमति होगी.

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