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शरद पवार की नाराजगी के बाद उद्धव ठाकरे की सफाई- NIA के पास सिर्फ एल्गार केस, भीमा-कोरेगांव नहीं
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Updated: February 18, 2020, 2:45 PM IST
शरद पवार की नाराजगी के बाद उद्धव ठाकरे की सफाई- NIA के पास सिर्फ एल्गार केस, भीमा-कोरेगांव नहीं
महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे

पिछले सप्ताह उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के नेतृत्व वाली सरकार ने एल्गार परिषद मामले की जांच एनआईए को सौंपने को अपनी मंजूरी दे दी थी. एनसीपी चीफ शरद पवार (Sharad Pawar) ने इस कदम की आलोचना की थी.

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  • Last Updated: February 18, 2020, 2:45 PM IST
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मुंबई. भीमा-कोरेगांव हिंसा (Bhima Koregaon) की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपने को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख शरद पवार के कड़ी आपत्ति जताने के बाद उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) सरकार ने सफाई दी है. महाराष्ट्र सरकार ने अब इस मामले की जांच केंद्र को नहीं सौंपने का फैसला लिया है. सीएम उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. उन्होंने साफ किया कि NIA को सिर्फ एल्गार परिषद का केस दिया गया है, भीमा-कोरेगांव केस महाराष्ट्र पुलिस ही देखेगी.

उद्धव ठाकरे ने ट्वीट किया- 'एल्गार परिषद केस और भीमा-कोरेगांव केस दो अलग मामले हैं. भीमा-कोरेगांव केस दलित लोगों से जुड़ा हुआ है और इसकी जांच केंद्र को नहीं सौंपी जाएंगी. इसे केंद्र के हवाले नहीं किया जाएगा. केंद्र को सिर्फ एल्गार परिषद केस दिया गया है.'



बता दें कि पिछले सप्ताह उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार ने एल्गार परिषद मामले की जांच एनआईए को सौंपने को अपनी मंजूरी दे दी थी. एनसीपी ने इस कदम की आलोचना की थी. पार्टी अध्यक्ष शरद पवार ने मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को दिए जाने संबंधी मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के फैसले को अनुचित ठहराया था.

पवार ने कहा था कि केंद्र का एनआईए को एल्गार परिषद मामला दिए जाने का निर्णय अनुचित था, लेकिन इससे ज्यादा अनुचित यह है कि राज्य सरकार ने इसे मंजूरी दे दी. उन्होंने कहा कि कानून और व्यवस्था बनाए रखना एक राज्य का विषय है.


एसआईटी की जांच भी चाहते हैं शरद पवार
एनसीपी प्रमुख शरद पवार भीमा-कोरेगांव हिंसा और एल्गार परिषद की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जांच के समानांतर एसआईटी की जांच भी चाहते हैं. पवार खुले आम बीजेपी सरकार पर इस मामले में ‘कुछ छिपाने’ का आरोप लगा रहे हैं. राज्य सरकार के विशेष जांच दल (SIT) बनाने के पीछे शरद पवार की मांग का एक आधार यह भी है कि जब राज्य सरकार की एसआईटी समानांतर जांच चलेगी, तो केंद्र सरकार की एजेंसी एनआईए के पर निष्पक्ष जांच का दबाव रहेगा.

वहीं, सोमवार को हुई एनसीपी की बैठक में अन्य मुद्दों के साथ-साथ इस मुद्दे पर चर्चा हुई. बैठक के बाद एनसीपी प्रवक्ता और राज्य के मंत्री नवाब मलिक ने पत्रकारों से कहा, ‘एनसीपी के कैबिनेट मंत्रियों की बैठक में फैसला लिया गया कि गृह मंत्री अनिल देशमुख एल्गार परिषद मुद्दे के लिए एक एसआईटी गठित किए जाने के लिए सभी आवश्यक प्रक्रियाओं की जांच करेंगे.’

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First published: February 18, 2020, 1:13 PM IST
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