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15 जनवरी को महाराष्ट्र में ग्राम पंचायत चुनाव कराने के लिए सारी तैयारी पूरी: राज्य निर्वाचन आयुक्त

चुनाव मुंबई शहर और मुंबई के उपनगरीय इलाकों को छोड़ कर 34 जिलों में हो रहे हैं.  (सांकेतिक तस्वीर)
चुनाव मुंबई शहर और मुंबई के उपनगरीय इलाकों को छोड़ कर 34 जिलों में हो रहे हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

Maharashtra Gram Panchayat Elections: गढ़चिरौली (Garhchirauli) और गोंदिया (Gondia) जिलों को छोड़ कर मतदान सुबह साढ़े सात बजे शुरू होगा और शाम साढ़े पांच बजे तक होगा. मतगणना 18 जनवरी को होगी.

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मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) के 34 जिलों में 14,000 से अधिक ग्राम पंचायतों के चुनाव (Gram Panchayat Elections) के तहत 15 जनवरी को मतदान कराने के लिए सारी तैयारियां हो गई हैं. राज्य निर्वाचन आयुक्त यूपीएस मदान ने गुरुवार को यह जानकारी दी. ये चुनाव मुंबई (Mumbai) शहर और मुंबई के उपनगरीय इलाकों को छोड़ कर 34 जिलों में हो रहे हैं. मदान ने कहा, ‘‘सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और चुनाव दल मतदान केंद्रों (Polling Centers) के लिए भेज दिये गये हैं.’’ गढ़चिरौली (Garhchirauli) और गोंदिया (Gondia) जिलों को छोड़ कर मतदान सुबह साढ़े सात बजे शुरू होगा और शाम साढ़े पांच बजे तक होगा. मतगणना 18 जनवरी को होगी.

ठाणे (Thane) जिले के एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि 14 गांवों ने अपनी मांगों लेकर ग्राम पंचायत चुनावों का बहिष्कार किया है. वे लोग अपने क्षेत्र को नवी मुंबई नगर निगम (Navi Mumbai Municipal Corporation) का हिस्सा बनाने की मांग कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि जिले में पांच ग्राम पंचायतों में शुक्रवार को मतदान नहीं होगा.


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इससे पहले राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commision) ने बुधवार को महाराष्ट्र के नासिक (Nasik) और नंदूरबार (Nandurbar) जिलों के दो गांवों में पंचायत चुनाव रद्द कर दिया है. आयोग ने यह कदम सरपंच और सदस्य के पदों के लिए सार्वजनिक रूप से बोली लगने के साक्ष्य सामने आने के बाद उठाया है. राज्य निर्वाचन आयुक्त यूपीएस मदान ने 15 जनवरी को होने वाले ग्राम पंचायत चुनाव से दो दिन पहले यह घोषणा की है.



आधिकारिक बयान के अनुसार नासिक और नंदूरबार जिलों की क्रमश: उमराने तथा खोंडामली की ग्राम पंचायतों के सरपंच और सदस्य पदों के लिए सार्वजनिक रूप से बोली लगने की खबरें थीं.

बयान में कहा गया, ‘‘आयोग ने जिलाधिकारियों, चुनाव पर्यवेक्षकों, उपमंडल अधिकारियों और तहसीलदारों से मिली रिपोर्ट का अध्ययन करने तथा दस्तावेजों और वीडियो टेप देखने के बाद वहां समूची चुनाव प्रक्रिया को रद्द करने का निर्णय किया है.’’
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