LAC पर चीनी सैनिकों से झड़प के बाद शिवसेना बोली- ये राजनीति का वक्त नहीं, हमें केंद्र के साथ खड़े होना है
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LAC पर चीनी सैनिकों से झड़प के बाद शिवसेना बोली- ये राजनीति का वक्त नहीं, हमें केंद्र के साथ खड़े होना है
गलवान घाटी में हुए हिंसक झड़प के बाद शिवसेना ने कहा कि ये वक्त राजनीतिक करने का बिल्कुल भी नहीं है. सभी को केंद्र सरकार के साथ और देश के साथ खड़ा होना चाहिए.

शिवसेना (Shivsena) ने कहा, 'हमारी भूमिका हमेशा आक्रामक रही है कि किसी को उसी की भाषा में जवाब देना चाहिए, लेकिन इस समय चीन के साथ कई सारे आर्थिक संबंध हैं. ऐसे में केंद्र सरकार की जो भूमिका होगी उसके साथ शिवसेना खड़ी होगी.'

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  • Last Updated: June 17, 2020, 11:20 AM IST
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मुंबई. चीनी सैनिकों (Chinese Troops) के साथ हुई हिंसक झड़प के बाद लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं.
इस झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए, जबकि 4 जवानों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है. इस पूरे मामले को लेकर केंद्र सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगा है, वहीं शिवसेना (Shivsena) ने इस मामले पर राजनीति नहीं करने की अपील की है.

गलवान घाटी में हुए हिंसक झड़प के बाद शिवसेना ने कहा कि ये वक्त राजनीतिक करने का बिल्कुल भी नहीं है. सभी को केंद्र सरकार के साथ और देश के साथ खड़ा होना चाहिए. शिवसेना केंद्र सरकार के साथ खड़ी है. शिवसेना ने कहा, 'हमारी भूमिका हमेशा आक्रामक रही है कि किसी को उसी की भाषा में जवाब देना चाहिए, लेकिन इस समय चीन के साथ कई सारे आर्थिक संबंध हैं. ऐसे में केंद्र सरकार की जो भूमिका होगी उसके साथ शिवसेना खड़ी होगी.'
समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि हम दोस्त चुन सकते हैं, लेकिन पड़ोसी नहीं चुन सकते. आज नेपाल चीन और पाकिस्तान तीनों के साथ हमारे संबंध अच्छे नहीं हैं.हमारे प्रधानमंत्री ने हमेशा दूसरे देशों के साथ संबंध अच्छे बनाने के प्रयास किए, लेकिन चीन पर भरोसा नहीं किया जा सकता.'
पार्टी ने आगे कहा, 'इसके पहले भी देश के पहले पीएम जवाहरलाल नेहरू के समय में और उसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी के समय में चीन ने भारत को धोखा दिया है. बावजूद इसके ये वक्त राजनीति करने का नहीं है, बल्कि एकजुटता दिखाने का है.



बता दें कि भारत और चीन के बीच सीमा विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है. सोमवार रात गलवान घाटी में चीनी सैनिकों ने भारतीय सैनिकों पर बेहद बर्बर हमले किए. इस हमले के बाद इलाज करा रहे भारतीय सैनिकों द्वारा दी गई सूचना के बारे में जानकारी रखने वाले एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के मुताबिक चीनी सैनिकों ने कंटीले तार लगे लोहे के रॉड से हमले किए. इस हमले में 16 बिहार रेजीमेंट के जवानों की हत्या की गई.

ऐसी बर्बर झड़प आधुनिक सेनाओं के हाल-फिहलाल के इतिहास में बेहद कम हैं. चीनी सेना के इस बर्बर हमले में अब तक 23 भारतीय सैनिकों ने जान गंवाई है. इनमें 16बिहार रेजीमेंट के कमांडिंग अफसर कर्नल संतोष बाबू भी शामिल हैं. माना जा रहा है कि कई घायल सैनिकों की मौत शून्य से काफी कम तापमान में लगातार बने रहने के कारण हुई. (PTI इनपुट के साथ)

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