परमबीर सिंह के आरोपों पर अनिल देशमुख ने आधी रात को किया ट्वीट, बोले- 'दूध का दूध, पानी का पानी' हो

महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख. (फाइल फोटो)

महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख. (फाइल फोटो)

मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह (Parambir Singh) ने अनिल देशमुख (Anil Deshmukh)पर आरोप लगाया है कि उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बार और होटलों से हर महीने 100 करोड़ रुपये वसूलने के लिए कहा था. NCP नेता देशमुख ने आरोप से इनकार किया है.

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  • Last Updated: March 26, 2021, 12:02 AM IST
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मुंबई. महाराष्ट्र  (Maharashtra) की राजधानी मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह (Prambir Singh) द्वारा लगाए गए सनसनीखेज आरोप के बाद राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) ने कहा है कि उन्होंने सीएम उद्धव ठाकरे से जांच की मांग की है. बुधवार-गुरुवार दरम्यानी रात एक ट्वीट में देशमुख ने कहा कि अगर जांच के आदेश होते हैं तो वह इसका स्वागत करेंगे. गृहमंत्री ने लिखा- 'परमबीर सिंह द्वारा मुझपर लगाए गए आरापों की जांच करवाकर 'दूध का दूध, पानी का पानी' करने कि मांग मैंने माननीय मुख्यमंत्री महोदय से करी थी। अगर वे जांच के आदेश देते हैं तो मै उसका स्वागत करूंगा.'

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि इस बात में कोई संदेह नहीं है कि मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा अपनी याचिका में महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ उठाए गए मुद्दे 'अत्यंत गंभीर' हैं. इसने हालांकि सिंह को अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी जिसमें उन्होंने देशमुख के कथित भ्रष्टाचार एवं कचादार की सीबीआई से 'निष्पक्ष एवं पारदर्शी' जांच कराए जाने का निर्देश दिए जाने का अनुरोध किया था.

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देशमुख के खिलाफ परमबीर सिंह की याचिका में उठाए गए मुद्दे ‘अत्यंत गंभीर’ : सुप्रीम कोर्ट
जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस आर एस रेड्डी की पीठ ने सिंह को अपनी शिकायत लेकर बंबई उच्च न्यायालय जाने की छूट प्रदान कर दी. शीर्ष अदालत ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह मामला 'अत्यंत गंभीर' है लेकिन याचिकाकर्ता को बंबई उच्च न्यायालय जाना चाहिए. सिंह का पक्ष रखने के लिए अदालत में पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि वह आज ही उच्च न्यायालय में याचिका दायर करेंगे.



भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 1988 बैच के अधिकारी सिंह ने खुद को मुंबई के पुलिस आयुक्त पद से हटाए जाने के आदेश को रद्द करने का भी न्यायालय से अनुरोध किया था. उनका आरोप है कि यह आदेश 'मनमाना’ और 'गैर कानूनी' है.

कांग्रेस ने समिति से जांच की मांग की
महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर ‘अधिक स्पष्टता’ के लिए किसी न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली समिति से जांच की बुधवार को मांग की. महाराष्ट्र में शिवसेना और NCP के साथ कांग्रेस राज्य में एमवीए सरकार का हिस्सा है.

पटोले नेकहा, ‘(NCP प्रमुख शरद) पवार ने स्वयं सिंह द्वारा लगाए गये 100 करोड़ रुपये के आरोपों की निष्पक्ष जांच की जरूरत बतायी है. हम इस पर अधिक स्पष्टता के लिए वर्तमान या सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में एक समिति के गठन की मांग करते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘इससे सब कुछ साफ हो जाएगा. यह कांग्रेस की मांग है.’ उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सिंह, जब मुंबई पुलिस आयुक्त थे तब ‘सांसद मोहन डेलकर की मौत के मामले में’ (मामला दर्ज करने से बचने के लिए) ‘बहाने बना रहे थे.’
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