राज्यपाल कोश्यारी को देशमुख का जवाब- कोरोना के चलते से परिजनों को कैदियों से मिलने की अनुमति नहीं

देशमुख ने संवाददाताओं से कहा कि अधिकारियों की अनुमति से कैदियों को उनके परिजनों से फोन पर बात करने दी जाती है (File photo)
देशमुख ने संवाददाताओं से कहा कि अधिकारियों की अनुमति से कैदियों को उनके परिजनों से फोन पर बात करने दी जाती है (File photo)

महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख (Maharshtra's HM Anil Deshmukh) ने यह टिप्पणी तब की जब कोश्यारी ने उनसे फोन पर कहा कि वह 2018 के आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में गिरफ्तार रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक के परिजनों को उनसे मिलने की अनुमति दें.

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मुंबई. महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Maharashtra's Governor Bhagat Singh Koshiyari) के महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख (Maharshtra's HM Anil Deshmukh) से गिरफ्तार पत्रकार अर्नब गोस्वामी (Arnab Goswami) से उनके परिजनों को मिलने की अनुमति देने के लिए कहे जाने पर एनसीपी के वरिष्ठ नेता ने सोमवार को कहा कि कोविड-19 (Covid-19) की वजह से जेल में कैदियों के रिश्तेदारों को फिलहाल उनसे मिलने की अनुमति नहीं है. देशमुख ने संवाददाताओं से कहा कि अधिकारियों की अनुमति से कैदियों को उनके परिजनों से फोन पर बात करने दी जाती है.

देशमुख ने यह टिप्पणी तब की जब कोश्यारी ने उनसे फोन पर कहा कि वह 2018 के आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में गिरफ्तार रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक के परिजनों को उनसे मिलने की अनुमति दें. राजभवन द्वारा इससे पूर्व जारी बयान के अनुसार राज्यपाल ने गोस्वामी की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता जताई. देशमुख ने कहा, ‘‘मुझे महामहिम राज्यपाल साहेब ने फोन किया. उन्होंने मुझसे गोस्वामी के परिजनों को उनसे मिलने देने को कहा.’’

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उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन आप सब जानते हैं कि पिछले चार महीने से कोविड-19 की अवधि के दौरान हम वायरस के डर से किसी भी परिजन को मुलाकात (कैदियों से) की अनुमति नहीं दे रहे. हालांकि, वे अधिकारियों की अनुमति से फोन पर बात कर सकते हैं.’’
राज्यपाल कार्यालय की ओर से सोमवार को जारी बयान के अनुसार कोश्यारी ने गृहमंत्री से गोस्वामी के परिवार को उनसे मिलने एवं बातें करने की अनुमति देने को भी कहा था. बयान के मुताबिक जिस तरीके से गोस्वामी को गिरफ्तार किया गया, उसे लेकर राज्यपाल ने देशमुख के सामने पहले भी अपनी चिंता रखी थी.

गोस्वामी और दो अन्य --फिरोज शेख और नीतीश सारदा को आर्किटेक्ट अन्वय नाईक एवं उनकी मां को कथित रूप से आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले के संबंध में चार नवंबर को रायगढ़ जिले की अलीबाग पुलिस ने गिरफ्तार किया था. इन दोनों मां-बेटे ने आरोपियों की कंपनियों द्वार कथित रूप से भुगतान नहीं किये जाने को लेकर 2018 में आत्महत्या कर ली थी.

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यहां गोस्वामी को उनके आवास से गिरफ्तार करने के बाद अलीबाग ले जाया गया था जहां मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उन्हें एवं दो अन्य को 18 नवंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.

उन्हें न्यायिक हिरासत में कथित रूप से मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पाये जाने पर रविवार को रायगढ़ की तलोजा जेल ले जाया गया था.
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