अर्नब गोस्वामी की जमानत याचिका पर आज हो सकती है सुनवाई, गलत निकले पुलिस पर मारपीट के आरोप

अर्नब गोस्वामी. (फाइल फोटो)
अर्नब गोस्वामी. (फाइल फोटो)

भाषा के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि 2018 में एक आर्किटेक्ट और उनकी मां ने कथित तौर पर गोस्वामी के रिपब्लिक टीवी से बकाया भुगतान न मिलने के कारण आत्महत्या कर ली थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 5, 2020, 3:25 PM IST
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मुंबई. दो लोगों की आत्महत्या के मामले में बुधवार को गिरफ्तार हुए पत्रकार अर्नब गोस्वामी (Arnab Goswami) की जमानत (Bail) याचिका पर गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई हो सकती है. फिलहाल अदालत ने अर्नब समेत मामले में दो और आरोपी फिरोज मोहम्मद शेख (Firoz Muhammad Sheikh) और नितेश सारदा (Nitesh Sarda) को 18 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में रखने के आदेश दिए हैं. अर्नब को गिरफ्तार किए जाने के बाद अलीबाग की अदालत में पेश किया गया था. यहां उनके साथ 6 घंटे तक पूछताछ की गई थी.

कोर्ट ने लंबी सुनवाई के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत के आदेश दिए थे. हालांकि, पुलिस ने अदालत से रिमांड की मांग की थी, जिसे नामंजूर कर दिया गया. कोर्ट ने कहा कि अर्नब से पुलिस हिरासत में पूछताछ की जरूरत नहीं है. पत्रकार के वकील गौरव पारकर इसे बड़ी जीत मान रहे हैं. उन्होंने बताया कि मामले में जमानत अर्जी दाखिल कर दी गई है, जिस पर गुरुवार को बहस की जाएगी. वकील आबाद पोंडा ने बताया कि कोर्ट ने पुलिस से मामले पर अपना जवाब देने के लिए कहा है.

क्या था मामला
न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि 2018 में एक आर्किटेक्ट और उनकी मां ने कथित तौर पर गोस्वामी के रिपब्लिक टीवी से बकाया भुगतान न मिलने के कारण आत्महत्या कर ली थी. इस वर्ष मई में महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) ने आर्किटेक्ट अन्वय नाइक (Anvay Naik) की बेटी आज्ञा नाइक की नई शिकायत के आधार पर फिर से जांच का आदेश दिए जाने की घोषणा की थी.



अर्नब को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया था
पत्रकार और उनके वकीलों ने पुलिस पर मारपीट के भी आरोप लगाए थे. इन आरोपों के चलते अदालत ने पत्रकार की मेडिकल जांच के आदेश दिए थे. हालांकि, मेडिकल जांच आने के बाद अदालत ने कहा कि यह आरोप गलत हैं और अर्नब के हाथों पर मामूली खरोंचे हैं.
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