डब्‍बावालों का महाराष्‍ट्र सरकार से आग्रह- लोकल ट्रेनों में यात्रा की दें अनुमति
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डब्‍बावालों का महाराष्‍ट्र सरकार से आग्रह- लोकल ट्रेनों में यात्रा की दें अनुमति
डब्बावालों ने महाराष्ट्र सरकार से लोकल ट्रेनों में यात्रा की अनुमति देने का आग्रह किया

मुंबई डब्बावाला एसोसिएशन (Mumbai Dabbawala Association) के अध्यक्ष सुभाष तालेकर ने बताया कि लोकल ट्रेनों (Local Train) तक पहुंच होने से डब्बावाले पूरी क्षमता के साथ अपना कारोबार बहाल कर पाएंगे. वर्तमान में केवल जरूरी सेवा में तैनात लोगों को ही उपनगरीय ट्रेनों में यात्रा करने की अनुमति है.

  • भाषा
  • Last Updated: September 12, 2020, 5:27 PM IST
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मुंबई. मुंबई (Mumbai) के डब्बावालों ने महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) से उन्हें लोकल ट्रेनों (Local Train) में सफर की अनुमति देने का अनुरोध किया है. कोविड-19 महामारी (COVID-19 P) के कारण फिलहाल लोकल ट्रेनें सीमित संख्या में ही चलायी जा रही हैं. मुंबई डब्बावाला एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष तालेकर ने बताया कि लोकल ट्रेनों तक पहुंच होने से डब्बावाले पूरी क्षमता के साथ अपना कारोबार बहाल कर पाएंगे. वर्तमान में केवल जरूरी सेवा में तैनात लोगों को ही उपनगरीय ट्रेनों में यात्रा करने की अनुमति है.

तालेकर ने कहा, 'डब्बावाले भी जरूरी सेवा का हिस्सा हैं क्योंकि वे मुंबईवासियों को भोजन पहुंचाते हैं. चूंकि ज्यादातर कार्यालय अब पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं इसलिए लोग अब हमें खाना पहुंचाने के लिए कह रहे हैं. उन्होंने कहा कि वर्तमान में साइकिल से दक्षिण मुंबई पहुंच पा रहे डब्बावाले ही कार्यालयों में खाना पहुंचा रहे हैं. खाना पहुंचाते समय कोविड-19 से जुड़े सभी नियमों का पालन किया जा रहा है.

डब्बावालों ने वित्‍तीय सहायता देने का भी अनुरोध किया
तालेकर ने कहा, 'हमने राज्य सरकार से हरेक डब्बावालों के लिए 5,000 रुपये की वित्तीय सहायता देने का अनुरोध किया है, जैसे कि निर्माण कामगारों को दिया गया है.' उन्होंने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल में इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई है. उपनगरीय क्षेत्रों से शहर के व्यस्त हिस्से में हर दिन 4,500 से 5,000 डब्बावाले दो लाख टिफिन पहुंचाते हैं.
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उन्होंने कहा, 'टिफिन सेवा के 130 साल के इतिहास में इससे पहले कभी भी छह महीने का विराम नहीं लगा. हम सुनिश्चित करते हैं कि कार्यालय जाने वालों को समय पर खाना मिल जाए और खाली टिफिन को उनके घर पहुंचा देते हैं.' उन्होंने कहा कि पिछले छह महीने में सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं ने वित्तीय तौर पर डब्बावालों की मदद की है.
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