CBSE और UP के बाद महाराष्‍ट्र Board भी घटाएगा 25 फीसदी पाठ्यक्रम, शिक्षा मंत्री ने किया ऐलान
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CBSE और UP के बाद महाराष्‍ट्र Board भी घटाएगा 25 फीसदी पाठ्यक्रम, शिक्षा मंत्री ने किया ऐलान
महाराष्‍ट्र बोर्ड के पाठ्यक्रम में होगी कटौती.

महाराष्‍ट्र सरकार से पहले सीबीएसई बोर्ड (CBSE) और सीआईएससीई भी अपने कोर्स में कटौती कर चुके हैं. जबकि यूपी बोर्ड (UP Board) भी अपने सिलेबस को कम करने की तैयारी में है. इसके लिए जल्द ही शैक्षिक कैलेंडर जारी किया जाएगा.

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नई दिल्‍ली. कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus) से छात्रों की स्‍कूली पढ़ाई में हुए नुकसान के चलते महाराष्‍ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने बड़ा कदम उठाया है. महाराष्‍ट्र सरकार ने भी कक्षा 1 से 12वीं तक के महाराष्‍ट्र बोर्ड के पाठ्यक्रम को 25 फीसदी तक घटाने का फैसला लिया है. महाराष्ट्र की शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ (Education Minister Varsha Gaikwad) ने इसकी जानकारी दी है. उन्‍होंने कहा कि कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते प्रभाव के कारण ऐसा कदम उठाया गया है. हालांकि महाराष्‍ट्र सरकार से पहले सीबीएसई बोर्ड (CBSE) और सीआईएससीई भी अपने कोर्स में कटौती कर चुके हैं. जबकि यूपी बोर्ड (UP Board) भी अपने सिलेबस को कम करने की तैयारी में है. इसके लिए जल्द ही शैक्षिक कैलेंडर जारी किया जाएगा. कोरोना के हालात को देखते हुए उत्तर प्रदेश शासन से बोर्ड के प्रस्ताव पर सहमति मिल चुकी है.

CBSE पाठ्यक्रम में कटौती केवल एक साल के लिए
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने दावा किया कि स्कूली पाठ्यक्रम को युक्तिसंगत बनाने के कदम की 'अलग' ढंग से व्याख्या की जा रही है और यह कदम कोविड-19 संबंधी हालात के मद्देनजर केवल 2020-2021 अकादमिक सत्र के लिए उठाया गया है. बोर्ड ने पाठ्यक्रम से कुछ अध्यायों को हटाए जाने को लेकर विवाद के बीच यह स्पष्टीकरण दिया. सीबीएसई सचिव अनुराग त्रिपाठी ने कहा, 'नौवीं से 12वीं कक्षा के पाठ्यक्रम में कटौती की अलग तरीके से व्याख्या की जा रही है. जो बातें की जा रही हैं, उसके विपरीत यह स्पष्ट किया जाता है कि 2020-21 अकादमिक सत्र के लिए करीब 190 विषयों के पाठ्यक्रम में 30 प्रतिशत की कटौती केवल एक बार के लिए की गई है.' बोर्ड ने दावा किया कि मौजूदा स्वास्थ्य आपात एवं अध्ययन में आ रही दिक्कतों के मद्देनजर पाठ्यक्रम में युक्तिसंगत कटौती का उद्देश्य छात्रों के बीच परीक्षा का तनाव कम करना है.

उसने कहा कि पाठ्यक्रम से जिन विषयों को हटाया गया है, केवल 2020-21 अकादमिक सत्र में उनसे कोई भी प्रश्न नहीं पूछा जाएगा. देशभर में फैली कोरोना महामारी से छात्रों की स्कूली पढ़ाई में हुए नुकसान के चलते केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कक्षा नौवीं से 12वीं तक के पाठ्यक्रम को 30 प्रतिशत तक घटाने का फैसला लिया है।
UP Board का प्रस्ताव


उत्‍तर प्रदेश शासन को भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार जुलाई महीने में यदि नियमित कक्षाएं नहीं चलतीं तो कक्षा 9 से 12 तक के पूरे पाठ्यक्रम का 10 प्रतिशत हिस्सा कम किया जाएगा. इसी प्रकार अगस्त में पढ़ाई बाधित होने पर 20 फीसदी और सितंबर तक कक्षाएं चालू नहीं होने पर 30 प्रतिशत कोर्स कम किया जाएगा. बोर्ड ने इसी फॉर्मूले के आधार पर विषय विशेषज्ञों की कमेटी से हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, गणित, विज्ञान, सामाजिक, विज्ञान, भूगोल, जीव विज्ञान, कला, गृह विज्ञान समेत पूरे कोर्स में कटौती करवाते हुए शासन को मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा है.
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