कई शहरों में लॉकडाउन, मुंबई में बढ़ाई सख्ती, कोरोना से यूं जंग लड़ रहा महाराष्ट्र

कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण मुंबई फिर लॉकडाउन की ओर बढ़ रहा है.(प्रतीकात्मक तस्वीर.)

कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण मुंबई फिर लॉकडाउन की ओर बढ़ रहा है.(प्रतीकात्मक तस्वीर.)

COVID-19 Cases in Maharashtra: महाराष्‍ट्र देश का सबसे ज्‍यादा कोरोना प्रभावित राज्‍य है. यहां पर बुधवार तक कोरोना के 2,252,057 मामले सामने आ चुके हैं जबकि 52,610 लोग इस महामारी से अपनी जान गंवा चुके हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 12, 2021, 7:45 PM IST
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मुंबई. महाराष्‍ट्र की राजधानी मुंबई में कोरोना वायरस संक्रमण की रफ्तार ने फिर सबकी चिंता बढ़ा दी है. इसको देखते हुए मुंबई में फिर से लॉकडाउन लगाने की चर्चा जोर पकड़ने लगी है. इसी बाबत मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने शुक्रवार को कहा कि अगर लोग कोरोना की गाइडलाइंस की अनदेखी करेंगे और ऐसे ही मामले बढ़ते रहेंगे तो शहर में लॉकडाउन लागू हो सकता है. महाराष्‍ट्र के कई शहरों में पहले से ही लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू जैसे सख्‍त कदम उठाए गए हैं.

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुणे और पनेवल में नाइट कर्फ्यू लगाया गया है. जबकि नागपुर के बाद अकोला और परभणी में लॉकडाउन लगाने का फैसला किया जा चुका है.

महाराष्‍ट्र कोरोना से सबसे प्रभावित राज्‍य

महाराष्‍ट्र देश का सबसे ज्‍यादा कोरोना प्रभावित राज्‍य है. यहां पर बुधवार तक कोरोना के 2,252,057 मामले सामने आ चुके हैं जबकि 52,610 लोग इस महामारी से अपनी जान गंवा चुके हैं. पिछले हफ्ते देश में कुल 128,599 कोरोना केस आए थे. जिसमें से आधे से अधिक (57%) केस महाराष्‍ट्र में दर्ज किए गए थे.
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अगर बात मुंबई की करें तो यह देश का सबसे ज्‍यादा कोरोना प्रभावित शहर है. अकेले मुंबई में गुरुवार को कोरोना के 1,508 नए मामले सामने आए. जिसके साथ ही यहां का कुल आंकड़ा 3,38,631 जबकि मरने वालों की संख्‍या 11,515 तक पहुंच गई. मुंबई में सितंबर और अक्‍टूबर में बहुत तेजी से मामले बढ़े थे, लेकिन फिर तेजी से गिरावट भी आई थी. यहां फरवरी के मध्‍य से फिर मामले बढ़ने लगे हैं.

मुंबई में लॉकडाउन लगेगा या नहीं, लोगों के हाथ में फैसला



मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने पहले चेतावनी दी थी कि महाराष्‍ट्र और मुंबई में कोरोना के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है. ट्रेनों में यात्रा करते समय ज्‍यादातर लोग मास्‍क नहीं लगा रहे हैं. लोकल ट्रेनों में इतनी भीड़ होने के बावजूद लोग मास्‍क का उपयोग नहीं कर रहे हैं. लोगों को अभी कोरोना के नियमों का पालन करना चाहिए. उन्‍होंने कहा क‍ि अगर लोग नियमों का पालन नहीं करेंगे तो हम एक और लॉकडाउन की तरफ आगे बढ़ेंगे. लॉकडाउन को फिर से लागू किया जाए या नहीं यह लोगों के हाथ में है.

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उद्धव ने भी दी थी सख्‍त चेतावनी

महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को कहा कि राज्य के कुछ हिस्सों में कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए सख्त लॉकडाउन लागू किए जाएंगे. इससे पहले ठाकरे ने 21 फरवरी को भी कहा था कि अगर कोविड-19 नियमों की धज्जियां उड़ाई जाती हैं, तो वर्तमान में लगाए गए प्रतिबंधों के अलावा एक सख्‍त लॉकडाउन लागू किया जाएगा. 'मास्क पहनें, तालाबंदी न करें' का नारा देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा क‍ि रोजाना 7000 कोरोना केस चिंताजनक हैं. एक पखवाड़े में यह स्पष्ट होगा कि महाराष्ट्र दूसरी लहर देख रहा है.

अजित पवार ने भी कोरोना वृद्धि को खतरनाक बताया था

महाराष्‍ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने सोमवार को महाराष्ट्र के कुछ जिलों में ताजा कोरोना वायरस मामलों में वृद्धि को खतरनाक बताया था. उन्होंने कुछ कठोर फैसले लेने की चेतावनी दी और लोगों को तैयार रहने को कहा था. पत्रकारों से बात करते हुए पवार ने लोगों को महामारी-उपयुक्त व्यवहार का पालन नहीं करने और दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने पर नाराजगी व्यक्त की थी.



स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने लोगों को ठहराया था जिम्‍मेदार

वहीं महाराष्‍ट्र के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री राजेश टोपे ने भी सोमवार को राज्‍य में कोविड-19 की स्थिति को खतरनाक बताया था. साथ ही उन्‍होंने सख्‍त चेतावनी दी थी कि अगर मामलों को नियंत्रित नहीं किया गया तो सख्‍त कदम उठाया जाएगा. मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि टोपे ने कुछ जिलों के बारे में 'लॉकडाउन' शब्द का भी इस्तेमाल किया, लेकिन केवल आवश्‍यकता पड़ने पर. टोपे ने राज्य में बिगड़ती कोरोनो वायरस की स्थिति के लिए लोगों को जिम्मेदार ठहराया था.
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