कांग्रेस ने संजय झा को किया सस्पेंड, अनुशासनहीनता बरतने का लगाया आरोप
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कांग्रेस ने संजय झा को किया सस्पेंड, अनुशासनहीनता बरतने का लगाया आरोप
संजय झा निलंबित

Sanjay Jha Suspended from Congress: इससे पहले संजय झा (Sanjay Jha) को कांग्रेस ने प्रवक्ता पद से हटा दिया था. महाराष्ट्र (Maharashtra) प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से इस संबंध में एक पत्र जारी किया गया है. इसमें बालासाहेब थोराट के हस्ताक्षर हैं.

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  • Last Updated: July 14, 2020, 10:41 PM IST
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नई दिल्‍ली. कांग्रेस (Congress) नेता संजय झा (Sanjay Jha) को पार्टी ने तत्‍काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने संजय झा पर पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासन उल्लंघन के चलते ये कार्रवाई की है. इसके पहले संजय झा को कांग्रेस ने प्रवक्ता पद से हटा दिया था. महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से इस संबंध में एक पत्र जारी किया गया है. इसमें बालासाहेब थोराट के हस्ताक्षर हैं.

संजय झा ने मंगलवार को राजस्थान में जारी सियासी संकट पर अपनी राय रखते हुए सचिन पायलट का समर्थन किया था. उन्‍होंने कहा था कि राजस्‍थान में सचिन पायलट को मुख्‍यमंत्री बना देना चाहिए. इसके साथ ही उन्‍होंने कहा था कि तीन बार मुख्‍यमंत्री रहे अशोक गहलोत को बड़ी जिम्‍मेदारी देनी चाहिए. कांग्रेस जहां-जहां कमजोर है वहां पार्टी को मजबूत करने की जिम्‍मेदारी गहलोत को देनी चाहिए. उन्‍होंने कहा था कि पार्टी को राजस्‍थान में कोई नया अध्‍यक्ष बनाना चाहिए. अंत में उन्‍होंने कहा था, 'जहां चाह, वहां राह.'


कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने मंगलवार को ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी. बता दें कांग्रेस का यह फैसला उसी दिन आया है जब कि उसने राजस्थान में सचिन पायलट को उप- मुख्यमंत्री के पद से हटाया. जुलाई की शुरुआत में झा ने ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया था. तब झा ने कहा था कि "मेरी राजनीतिक मुखरता मेरे आधिकारिक पद से टकरा रही है."



उप मुख्यमंत्री और राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटाए गए पायलट
कांग्रेस ने राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ बगावत करने वाले सचिन पायलट के विरूद्ध सख्त कदम उठाते हुए उन्हें मंगलवार को उप मुख्यमंत्री एवं पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष पदों से हटा दिया. इसके साथ ही पार्टी ने पायलट के साथ गए सरकार के दो मंत्रियों विश्वेंद्र सिंह एवं रमेश मीणा को भी उनके पदों से तत्काल प्रभाव से हटा दिया. इस घटनाक्रम के बाद फिलहाल कांग्रेस सरकार के पास बहुमत का आंकड़ा नजर आ रहा है और इस बात की संभावना है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जल्द ही मंत्रिमंडल में फेरबदल करें.

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दूसरी तरफ, दोनों प्रमुख पदों से हटाए जाने के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पायलट आगे क्या कदम उठाते हैं. कांग्रेस आलाकमान के निर्णय के बाद पायलट ने अपने पहले बयान में कहा कि 'सत्य को परेशान किया जा सकता है, लेकिन पराजित नहीं किया जा सकता.' पायलट के खिलाफ कार्रवाई के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने नयी दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मंत्रणा की.

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने पायलट को मनाने का प्रयास किया, लेकिन विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं होने के बाद उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की कई. पायलट और उनके समर्थक विधायक सोमवार एवं मंगलवार को हुईं कांग्रेस विधायक दल की दोनों बैठकों में नहीं पहुंचे. कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद पायलट और उनके समर्थक मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया गया. बैठक के बाद कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने फैसलों की जानकारी दी और दावा किया कि गहलोत सरकार को अस्थिर करने के षड्यंत्र में पायलट भी शामिल थे.
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