राज्यपाल के पत्र पर संजय राउत का पलटवार- शिवसेना नहीं भूली है हिंदुत्‍व, किसी के पाठ की जरूरत नहीं

राज्यपाल के पत्र पर संजय राउत का पलटवार: हमें हिंदुत्व पर पाठ की जरूरत नहीं है
राज्यपाल के पत्र पर संजय राउत का पलटवार: हमें हिंदुत्व पर पाठ की जरूरत नहीं है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के इस बयान, कि अब भी कोविड-19 (COVID-19) का खतरा बना हुआ है, का हवाला देते हुए संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा कि स्वास्थ्य चिंता के मद्देनजर लोगों की सुरक्षा का ख्याल रखना ठाकरे की जिम्मेदारी है और राज्यपाल को तो यह काम अच्छी तरह करने के लिए ठाकरे की प्रशंसा करनी चाहिए.

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मुम्बई. शिवसेना (Shiv Sena) के सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने मंगलवार को कहा कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Bhagat Singh Koshyari) को सिर्फ यह देखना चाहिए कि महाराष्ट्र (Maharashtra) में संविधान के अनुसार शासन चल रहा है या नहीं तथा बाकी चीजों की देखभाल के लिए लोगों द्वारा एक निर्वाचित सरकार है. राज्य में उपासना स्थलों को खोलने को लेकर कोश्यारी द्वारा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखने और उस पर ठाकरे के जवाब के आलोक में राउत ने यहां संवाददाताओं से कहा कि शिवेसना का हिंदुत्व दृढ है और मजबूत बुनियाद पर टिका है तथा उसे इस पर किसी से पाठ की जरूरत नहीं है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस बयान, कि अब भी कोविड-19 का खतरा बना हुआ है, का हवाला देते हुए राउत ने कहा कि स्वास्थ्य चिंता के मद्देनजर लोगों की सुरक्षा का ख्याल रखना ठाकरे की जिम्मेदारी है और राज्यपाल को तो यह काम अच्छी तरह करने के लिए ठाकरे की प्रशंसा करनी चाहिए. मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कोश्यारी ने कहा कि उन्हें प्रतिनिधिमंडलों से तीन प्रतिवेदन मिले हैं जिनमें धर्मस्थलों को खोले जाने की मांग की गयी है.

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उन्होंने पत्र मे लिखा है, 'क्या आप अचानक धर्मनिरपेक्ष हो गये?' राउत ने कहा, 'कोश्यारी राज्य के संवैधानिक प्रमुख हैं. उन्हें यह देखना है कि राज्य में शासन संविधान के अनुसार चल रहा है या नहीं. बाकी बातों के लिए लोगों द्वारा निर्वाचित सरकार है. वह निर्णय लेती है.' लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन की कार्रवाई की खबरों का जिक्र करते उन्होंने कहा कि यह राज्यों के मुख्यमंत्रियों का नहीं बल्कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री , रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख को बताना है कि सेना को ऐसे मामलों में क्या करना चाहिए.

शिवसेना नेता ने कहा कि इसी प्रकार महाराष्ट्र में लोगों द्वारा निर्वाचित सरकार, मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद है जो कोविड-19 संकट पर गौर करके यह तय करेगी कि राज्य में पाबंदियों में कैसे ढील दी जाए. राज्यपाल द्वारा मुख्मयंत्री से यह सवाल करने पर कि क्या वह धर्मनिरपेक्ष हो गये हैं, राउत ने कहा कि क्या कोश्यारी धर्मनिरपेक्ष नहीं हैं.
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