मुंबई में BMC के एक और सीनियर अफसर की कोरोना वायरस से मौत
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मुंबई में BMC के एक और सीनियर अफसर की कोरोना वायरस से मौत
मुंबई में BMC के सीनियर अफसर की कोरोना से मौत

बृहन्मुंबई महानगरपालिका/बीएमसी (BMC) के एक और कमिश्नर की शनिवार को कोरोना वायरस (Coronavirus) से मौत हो गई. वह मुंबई (Mumbai) के पश्चिमी उपनगरों में एक वार्ड के प्रभारी थे. इससे पहले जून महीने में भी बीएमसी के एक कमिश्‍नर की इस महामारी से मौत हो चुकी है.

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मुंबई. देश में कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus) का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है. महाराष्‍ट्र इससे सबसे ज्‍यादा प्रभावित है. वहीं, अकेले मुंबई (Mumbai) में कोविड-19 (COVID-19) के 90 हजार से ज्‍यादा मामले सामने आ चुके हैं. इस बीच बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के एक और कमिश्नर की शनिवार को कोरोना वायरस से मौत हो गई. वह मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में एक वार्ड के प्रभारी थे. इससे पहले जून महीने में भी बीएमसी के एक कमिश्‍नर की इस महामारी से मौत हो चुकी है. वह बीएमसी में वॉटर सप्‍लाई डिपार्टमेंट के इंचार्ज थे. वहीं ठाणे में एक नगर निगम पार्षद की भी कोरोना वायरस से मौत हो चुकी है.

मुंबई में कोरोना वायरस संक्रमण के 1,354 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या 90 हजार से अधिक हो गई है. बृहन्नमुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने यह जानकारी दी. निगम के अनुसार शहर में अब कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 90,149 हो गई है. इसके अलावा 73 और रोगियों की मौत के बाद मृतकों की संख्या 5,202 तक पहुंच गई है. बीएमसी ने कहा कि शुक्रवार को 73 रोगियों की मौत के जो मामले सामने आए, उनमें से 54 रोगियों को अन्य गंभीर बीमारियां भी थीं. निगम के अनुसार शुक्रवार को 2,183 रोगियों को छुट्टी मिल गई, जिसके साथ ही ठीक हो चुके मरीजों की संख्या 61,934 हो गई है. शहर में रोगियों की ठीक होने की दर 68 प्रतिशत है. मुंबई में अब भी 22,738 लोग कोविड-19 से पीड़ित हैं. इसके अलावा 905 नए संदिग्ध रोगियों को शहर के अस्पतालों में भर्ती किया गया है.

धारावी में कोविड-19 पर काबू पाने में सक्रियता से की गई जांच ने मदद की: बीएमसी
धारावी में कोविड-19 के प्रसार को नियंत्रित करने के प्रयासों की विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा सराहना किये जाने के बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने कहा है कि निजी चिकित्सकों के सहयोग और सामुदायिक सहभागिता के जरिये सक्रियता से की गई 'स्क्रीनिंग' ने इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में मदद की. डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक तेदरोस अधानोम गेब्रेयसस ने जिनेवा में ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शुक्रवार को कहा था कि विश्व भर से ऐसे कई उदाहरण हैं जो यह दर्शाते हैं कि भले ही महामारी का प्रकोप प्रचंड हो, लेकिन इसे नियंत्रित किया जा सकता है. उन्होंने कहा था, 'और इनमें से कुछ उदाहरण हैं इटली, स्पेन और दक्षिण कोरिया तथा धारावी में भी- जो मुंबई महानगर का बेहद घनी आबादी वाला क्षेत्र है.'
एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती धारावी को एक समय कोविड-19 हॉटस्पॉट घोषित किया गया था और अब यहां इस वायरस के प्रसार पर नियंत्रण पा लिया गया है. बीएमसी के जी उत्तरी वार्ड के सहायक आयुक्त किरण दिघावकर ने शनिवार को कहा कि नगर निकाय ने मरीजों का इंतजार करने, उनके संपर्कों का पता लगाने, पृथक-वास में भेजने और घर में पृथक करने संबंधी अपने परंपरागत दृष्टिकोण में बदलाव कर सक्रियता से स्क्रीनिंग शुरू करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा, 'इससे मामलों का जल्द पता लगाने, समय पर इलाज और मरीजों को स्वस्थ होने में मदद मिली.'



'धारावी में लाखों लोगों की स्‍क्रीनिंग की गई'
वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'धारावी में कम से कम छह से सात लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई है, जबकि 14,000 लोगों की जांच की गई है और 13,000 लोगों को चिकित्सा सुविधाओं और सामुदायिक रसोई के साथ संस्थागत पृथक-वास में भेजा गया.' आधिकारिक आंकड़े के अनुसार अप्रैल में मामलों के दोगुना होने की दर 18 दिन थी जबकि मई में इसमें सुधार हुआ और यह 43 दिन हो गई और जून और जुलाई में क्रमश: यह 108 और 430 दिन है.

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धारावी में अब तक कोविड-19 के मामलों की कुल संख्या 2,359 है. इस समय केवल 166 मरीज उपचाराधीन हैं और 1,952 मरीजों को अब तक अस्पतालों से छुट्टी मिल चुकी है. दिघावकर ने कहा, 'धारावी की कम से कम 80 प्रतिशत जनसंख्या 450 सामुदायिक शौचालयों पर निर्भर है और प्रशासन ने एक दिन में कई बार इन शौचालयों को संक्रमण मुक्त किया.'

उन्होंने कहा, 'हमने चार टी- 'ट्रेसिंग, ट्रैकिंग, टेस्टिंग और ट्रिटिंग' पर ध्यान केन्द्रित कर इस वायरस पर काबू पाने की कोशिश की.' उन्होंने कहा कि इसके अलावा, बुजुर्ग लोगों की विशेष देखभाल की गई और 8,246 वरिष्ठ नागरिकों का सर्वेक्षण किया गया. वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सामुदायिक सहभागिता धारावी में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने में महत्वपूर्ण रही है और स्थानीय सामुदायिक नेताओं को 'कोविड योद्धा' नियुक्त किया गया था. नगर निकाय ने 'मिशन धारावी' की प्रशंसा करने के लिए डब्ल्यूएचओ को ट्विटर पर धन्यवाद दिया. (भाषा इनपुट के साथ)
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