लोकल ट्रेनों में मुंबईकरों को सफर का इंतजार, सड़कों पर लग रहा भीषण जाम

मुंबई लोकल में आम लोगों के प्रवेश का मामला.
मुंबई लोकल में आम लोगों के प्रवेश का मामला.

मुंबई लोकल ट्रेनों में आम जनता को प्रवेश देने को लेकर सस्पेंस लगातार बरकरार है और इस पर राज्य सरकार व रेलवे के बीच खींचातानी जारी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 10, 2020, 4:01 PM IST
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मुंबई. मुंबई की लोकल ट्रेनों (Mumbai local trains) में मुंबईकरों को प्रवेश देने को लेकर महाराष्ट्र सरकार के जवाब का अब भी रेलवे को इंतजार है. रेलवे ने आम लोगों को प्रवेश देने से पहले एसओपी तय करने के लिए राज्य सरकार से एक बैठक बुलाने की मांग की थी, जिसका जवाब करीब दो सप्ताह बीतने के बाद भी राज्य की ठाकरे सरकार दे नहीं पाई है और अब भी बातचीत जारी होने का बहाना बना रही है. इसके चलते आम लोग सड़कों पर भीषण ट्रैफिक की मार झेल रहे हैं.

लोकल ट्रेनों में आम जनता को प्रवेश देने को लेकर सस्पेंस लगातार बरकरार है और इस पर राज्य सरकार व रेलवे के बीच खींचातानी जारी है. दो सप्ताह का वक्त बीत चुका है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है और लोगों को अब भी प्रवेश मिलने का इंतजार है. दरअसल महाराष्ट्र सरकार ने 28 अक्टूबर 2020 को रेलवे को एक पत्र लिखते हुए आम लोगों को लोकल में प्रवेश देने को कहा था, लेकिन उसी दिन पत्र का जवाब देते हुए एसओपी तय करने के लिए बैठक बुलाने की मांग की थी.

रेलवे की इस मांग पर पहले तो सरकार में मंत्री विजय वड़ेत्तिवार ने दो दिनों में फैसला लेने की बात कही थी, लेकिन दो दिन बीतने के बाद उन्होंने रेलवे पर क्रेडिट लेने के लिए राजनीति करने का आरोप लगा दिया. इतना ही नहीं, दो दिन पहले राज्य को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने नया शिगूफा छोड़ दिया था कि उनकी रेल मंत्री पीयूष गोयल से इस संबंध में बातचीत चल रही है. वहीं इस मामले में रेलवे अपनी भूमिका पहले ही स्पष्ट कर चुकी है. रेलवे ने साफ किया है कि वह पूरी तरह से तैयार है, बशर्ते राज्य सरकार उन्हें एसओपी तय करके तो बताए.



दूसरी तरफ इन दोनों के बीच चल रही खींचातानी में आम लोग पिस रहे हैं. लोकल में प्रवेश न मिलने से आम लोगों को सड़कों के रास्ते अपने काम और दफ्तरों के लिए निकल रहे हैं. बड़ी संख्या होने से मुम्बई में हर तरफ सड़कों पर जाम की स्थिति पैदा हो रही है, जिसका परिणाम यह हो रहा है कि एक घंटे की दूरी तय करने के लिए 4-5 घंटे का वक़्त लग रहा है. जाम की यह स्थिति पूरे दिन-रात बनी रहती है, जिससे लोगों को तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में देखने वाली बात यह है कि आखिर राज्य सरकार की नजर परेशान लोगों पर कब पड़ती है और उन्हें लोकल में प्रवेश देने को फैसला आखिर कब होता है.
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