लाइव टीवी

महाराष्‍ट्र के इस छोटे कस्‍बे ने ये कारगर तरीका अपनाकर कोरोना संक्रमण पर पाया काबू
Mumbai News in Hindi

News18Hindi
Updated: April 9, 2020, 8:46 PM IST
महाराष्‍ट्र के इस छोटे कस्‍बे ने ये कारगर तरीका अपनाकर कोरोना संक्रमण पर पाया काबू
इस्‍लामपुर में अधिक नहीं बढ़ पाया कोरोना संक्रमण.

महाराष्‍ट्र (Maharashtra) के सांगली जिले (Sangli) के कस्‍बे इस्‍लामपुर (Islampur) में एक परिवार के 4 सदस्‍यों में 23 मार्च को कोरोना संक्रमण (Coronavirus) की पुष्टि हुई थी.

  • Share this:
नई दिल्‍ली. महाराष्‍ट्र (Maharashtra) के सांगली जिले (Sangli) में छोटा सा कस्‍बा है इस्‍लामपुर (Islampur). यह कस्‍बा मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पर पड़ता है. यहां की आबादी करीब 70 हजार है. कस्‍बे के एक परिवार के 4 सदस्‍यों में 23 मार्च को कोरोना संक्रमण (Coronavirus) की पुष्टि हुई थी. इसके बाद जिला प्रशासन ने यहां बिना समय गंवाए कोरोना (Covid 19) से लड़ने और उसके प्रसार को रोकने के लिए प्रयास तेज कर दिए थे. उसके द्वारा नियंत्रण करने के लिए जोन (Containment Zone) बनाए गए. इनमें सभी संसाधनों का इस्‍तेमाल करके कोरोना वायरस से लड़ा गया. नतीजा यह रहा कि यहां 17 दिनों में कोरोना संक्रमण के मामले 4 से बढ़कर सिर्फ 26 ही हुए. बुधवार तक इनमें से 9 मरीज ठीक भी हो गए हैं.

तुरंत हरकत में आया जिला प्रशासन
टाइम्‍स ऑफ इंडिया में प्रकाशित खबर के मुताबिक इस्‍लामपुर में जिन लोगों को कोरोना संक्रमण हुआ, वे सभी एक ही परिवार के संक्रमित 4 लोगों के संपर्क में आए थे. जैसे ही कस्‍बे में पहला कोरोना केस सामने आया तो सांगली का जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया था. प्रशासन की ओर से डिस्ट्रिक्‍ट रैपिड रिस्‍पॉन्‍स टीम भी बनाई गई.

रोकथाम के लिए जोन बनाए गए



इस टीम का काम था इस्‍लामपुर में उन लोगों की पहचान करना जो 4 कोरोना पॉजिटिव लोगों के संपर्क में आए थे. इस परिवार के घर से 1 किमी परिधि क्षेत्र को हॉटस्‍पॉट इलाका (Containment Zone) घोषित कर दिया गया. इसके अलावा एक और 1 किमी की परिधि का बफर जोन निर्धारित किया गया. इनमें जाने और आने का एक ही प्‍वाइंट बनाया गया. इस जोन में 1,608 परिवार (7600 लोग) रहते हैं.



रातोंरात काम में जुटा प्रशासन
सांगली के जिलाधिकारी अभिजीत चौधरी के अनुसार प्रशासन ने 53 हाई रिस्‍क और 426 कम रिस्‍क वाले लोगों की पहचान की. जिनमें कोरोना के लक्षण दिखे, उनकी जांच की गई और उन्‍हें आइसोलेशन में रखा गया. संदिग्‍धों को क्‍वारंटीन किया गया. रातोंरात इस्‍लामपुर के बाजार क्षेत्र को बैरिकेड करके बंद कर दिया गया. उसी रात पूरे इलाके को बंद करके सैनिटाइजेशन का कार्य शुरू किया गया था.

राशन की व्‍यवस्‍था की गई
संक्रमित परिवार के घर के पास रहने वाले छात्र सौरभ ने बताया कि शुरू के दो दिन लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. लेकिन बाद में प्रशासन की ओर से राशन, दूध, सब्‍जी की सप्‍लाई की व्‍यवस्‍था सुचारू रूप से की गई. लोगों से कहा गया कि अगर किसी को मेडिकल इमरजेंसी है तो वह पुलिस स्‍टेशन में संपर्क करे.

परिवार के 1 सदस्‍य को मिली बाहर निकलने की अनुमति
कंटेनमेंट जोन से बाहर आने वाले हर वाहन को डिस इंफेक्‍टेड किया जाने लगा. बफर जोन में एक परिवार से सिर्फ एक ही सदस्‍य को जरूरी सामान की खरीदारी के लिए बाहर आने की अनुमति दी गई. लोगों को जानकारीपरक बुकलेट बांटी गईं.

सांगली के सिविल सर्जन संजय सलुंखे ने अपनी टीम के साथ कस्‍बे में संदिग्‍ध मरीजों की तलाश शुरू की. इसके लिए 31 हेल्‍थ स्‍क्‍वाड बनाए गए. हेल्‍थ वर्कर्स ने घर-घर जाकर जरूरी जानकारी जुटाईं.

कोरोना संक्रमण से लड़ाई में पुलिस की भी बड़ी भूमिका रही. पुलिस ने पूरे इलाके पर गहन नजर रखी. इस्‍लामपुर का वह इलाका अभी भी हॉटस्‍पॉट के तहत है. वहां पुलिस और जिला प्रशासन पूरी नजर रख रहा है. लोग भी उनका साथ दे रहे हैं.



यह भी पढ़ें: Live: 24 घंटे में 591 नए केस, 20 लोगों की गई जान; देश में 5865 पॉजिटिव मामले

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए Mumbai से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: April 9, 2020, 8:04 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading