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Coronavirus: कोरोना संक्रमण से ठीक हुई महिला के पूरे शरीर में जमा पस, भारत में आया पहला केस

संक्रमण से ठीक हुई महिला के पूरे शरीर में जमा पस
संक्रमण से ठीक हुई महिला के पूरे शरीर में जमा पस

डॉक्टरों को जांच में महिला में कोरोना (Corona) की एंटीबॉडी (Antibodies) मिली थी. बता दें कि दुनिया में अब तक इस तरह के महज सात मामले सामने आए हैं, जिनमें से भारत में यह ऐसी पहली घटना है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 24, 2020, 8:17 AM IST
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मुंबई. कोरोना (Coronavirus) के नए मामले सामने आने के साथ ही इस बीमारी से ठीक होने वाले मरीजों में आ रही दिक्कतों ने डॉक्टरों ने नई परेशानी में डाल दिया है. दरअसल, महाराष्ट्र के औरंगाबाद (Aurangabad) में एक महिला के कमर में दर्द की शिकायत थी. कमर का इलाज कराने पहुंची महिला की जांच में पता चला कि उसके पूरे शरीर में पस (मवाद) भर चुका है. डॉक्टरों को जांच में महिला में कोरोना की एंटीबॉडी (Antibodies) मिली थी. डॉक्टरों के मुताबिक ये कोरोना से ठीक होने के बाद का नया लक्षण है. महिला की अब तक तीन बार सर्जरी हो चुकी है और वह अब पूरी तरह से स्वस्थ है. बता दें कि दुनिया में अब तक इस तरह के महज सात मामले सामने आए हैं, जिनमें से भारत में यह ऐसी पहली घटना है.

औरंगाबाद के बजाज नगर में रहने वाली नेहा (बदला हुआ नाम) की कमर में हमेशा दर्द रहा करता था. कमर दर्द के ​इलाज के लिए नेता 28 नवंबर को हेडगेवार अस्पताल गई थीं. कमर दर्द के साथ ही उनके पैर में सूजन भी थी. आम तौर पर कमर दर्द फ्रैक्चर, ट्यूमर या इन्फेक्शन की वजह से महसूस होता है. हालांकि इनमें से कोई भी बीमारी उन्हें नहीं थी. डॉक्टरों ने जांच के बाद नेहा से MRI कराने के लिए कहा.

MRI की रिपोर्ट देखकर डॉक्टर हैरान रह गए. नेहा के शरीर में गर्दन से लेकर रीढ़ की हड्डी तक, दोनों हाथों, यहां तक की पेट में भी पस जमा हो गया था. इसके बाद डॉक्टरों ने तुरंत नेहा को अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी. डॉक्टरों की टीम ने नेहा की तीन बार सर्जरी की और उनके शरीर से करीब आधा लीटर पस निकाला. 21 दिसंबर को नेता को डिस्चार्ज कर दिया गया.
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जर्मनी में इस तरह के 6 मामले आए सामने
डॉक्टरों ने बताया कि नेता की एंटीजन टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव आई है लेकिन उनके शरीर में एंटीबॉडी पाई गई है. इसका मतलब उन्हें कोरोना हो चुका था. इससे उनकी बीमारियों से लड़ने की ताकत खत्म हो गई और उन्हें इतनी परेशानी झेलनी पड़ी. डॉ. दहिभाते ने बताया दुनियाभर में इस तरह के केस पर स्टडी की जा रही है. इस दौरान उन्हें जर्नल ऑफ न्यूरोलॉजी के सितंबर के अंक में 'कोरोना के बाद के असामान्य लक्षण' विषय पर जानकारी मिली. इससे पता चला कि अब तक जर्मनी में इस तरह के 6 केस सामने आ चुके हैं.
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