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आपका फीडबैक पुलिस को डाल सकता है परेशानी में, अमरावती आयुक्त ने की महाराष्ट्र में पहल

अमरावती पुलिस आयुक्‍त ने नई पहल शुरू की है. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)
अमरावती पुलिस आयुक्‍त ने नई पहल शुरू की है. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

Police Feedback Form: फीडबैक फॉर्म को कमिश्नरी के दस पुलिस स्टेशन में रखा गया है. अमरावती शहर में कुल दस थाने हैं जिनके नाम हैं, फ्रेजरपुरा, बडनेरा, नंदगाव पेट, राजपेट, कोतवाली गेट, गाडगेनगर, वालगांव और भटकुली.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 29, 2020, 5:06 PM IST
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(स्वाति लोखंडे)

बहुत से लोगों को अच्छे और बुरे अनुभव का सामना करना पड़ता है जब वे अपनी शिकायत दर्ज़ कराने पुलिस स्टेशन जाते हैं. कभी-कभी पुलिस उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं करती. इसके साथ, प्रत्येक शिकायतकर्ता अब पुलिस स्टेशन के अनुभवों पर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कर सकता है. वर्तमान में, कमिश्ननरेट में हर थाने में इस तरह का 'फीडबैक फॉर्म' रखा गया है. पुलिस आयुक्त हर हफ्ते इस फॉर्म की समीक्षा करेंगे. यह जनसामान्य केंद्रित पुलिसिंग के लिए एक अनूठा प्रयोग है, जो पुलिस आयुक्त डॉ. आरती सिंह द्वारा किया गया है. फीडबैक फॉर्म को कमिश्नरी के दस पुलिस स्टेशनों में रखा गया है. अमरावती शहर में कुल दस थाने हैं जिनके नाम हैं, फ्रेजरपुरा, बडनेरा, नंदगाव पेट, राजपेट, कोतवाली गेट, गाडगेनगर, वालगांव और भटकुली.

शिकायत दर्ज़ कराने हेतु पुलिस स्टेशन पहुंचे शिकायतकर्ता को उसी जगह पर एक फीडबैक फॉर्म या प्रतिक्रिया पत्र दिया जाएगा. इस फॉर्म में कुछ प्रश्न हैं. यह फीडबैक फॉर्म आपसे पूछता है कि पुलिस स्टेशन में आपके साथ कैसा व्यवहार किया गया, आपको शिकायत दर्ज़ कराने में कितना समय लगा? शिकायत दर्ज़ की गयी या नहीं? शिकायतकर्ता इस फॉर्म को उसी जगह पर भर सकता है. यह फॉर्म सीधा पुलिस आयुक्त के पास पहुंचेगा.



सभी फीडबैक फॉर्म की समीक्षा करेंगे पुलिस आयुक्‍त
फॉर्म में भरी प्रतिक्रियाओं द्वारा पुलिस आयुक्त प्रत्येक शिकायतकर्ता के अनुभवों के बारे में जान सकते हैं. पुलिस आयुक्त सप्ताह में एक दिन इन सभी फीडबैक फॉर्म की समीक्षा करेंगे. यदि यह फीडबैक फॉर्म कहता है कि किसी शिकायतकर्ता को कोई समस्या है; पुलिस आयुक्त मामले में जानकारी लेंगे. अगर संबंधित पुलिस अधिकारी या अधिकारी जिम्मेदार हैं, तो उन्हें परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. साथ ही, शिकायतकर्ताओं के साथ अच्छा व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मियों की सराहना भी की जाएगी.

फीडबैक फॉर्म की यह प्रक्रिया आम आदमी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. क्योंकि कुछ पुलिस स्टेशन में, अक्सर, शिकायतकर्ता को तुरंत शिकायत दर्ज किए बिना शिकायत दर्ज करने में देरी हो जाती है, लेकिन अब प्रत्येक व्यक्ति जो शिकायत लेकर आता है उसे एक फीडबैक फॉर्म भरना होगा. थाने की पुलिस को सम्बंधित व्यक्ति को संतोषजनक बर्ताव करना होगा नहीं तो वह इसकी शिकायत फीडबैक फॉर्म में कर देगा.

प्रत्येक शिकायतकर्ता जो जनसामान्य केंद्रित पोलिसिंग के लिए पुलिस स्टेशन जाता है, उसे फीडबैक फॉर्म दिया जाएगा. हम सभी फीडबैक फॉर्म की समीक्षा करेंगे जिसे शिकायतकर्ता को भरने के बाद पुलिस थाने में जमा करना चाहिए या ऑनलाइन भेजना चाहिए. जो लोग शिकायतकर्ता के साथ उचित व्यवहार नहीं करते हैं, उन्हें समझाकर कार्रवाई भी की जा सकती है. यह जान सामान्य केंद्रित पुलिसिंग का एक प्रयास है. डॉ. आरती सिंह कहती हैं कि इस प्रयोग की शुरुआत आठ दिन पहले की गयी है.
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