बार्ज P-305 मामला: शवों की पहचान करना हो रहा मुश्किल, DNA से होगी शिनाख्त

टाउते तूफान के दौरान डूबा था बार्ज P305. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Barge P-305 Case: अब तक 61 शव मिले हैं, जिनमें से 30 की हालत बेहद खराब बताई जा रही है. कहा जा रहा है कि ये मृत शरीर काफी ज्यादा डिकंपोज हो चुके हैं, जिसके चलते इनकी पहचान करना काफी मुश्किल साबित हो रहा है.

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    मुंबई. टाउते तूफान (Tauktae) की वजह से डूबे बार्ज P305 पर ओएनजीसी के कई कर्मचारियों की मौत हो गई थी. हादसे का शिकार हुए कई लोगों के शवों की पहचान नहीं हो सकी है. ऐसे में मुंबई पुलिस शवों की शिनाख्त के लिए डीएनए (DNA) की मदद लेने का फैसला किया है. फिलहाल इसके संबंध में डीएनए सैंपल के लिए डिमांड जारी कर दी है.

    खबर है कि मुंबई पुलिस ने इसके लिए 40 सैंपलिंग किट की मांग रखी है. अब तक 61 शव मिले हैं, जिनमें से 30 की हालत बेहद खराब बताई जा रही है. कहा जा रहा है कि ये मृत शरीर काफी ज्यादा डिकंपोज हो चुके हैं, जिसके चलते इनकी पहचान करना काफी मुश्किल साबित हो रहा है. अब तक 28 क्रूम मेंबर्स के परिवार की पहचान के बाद शव सौंप दिए गए हैं.

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    अब कलीना फॉरेंसिक लैब की मदद से इन शवों के डीएनए सैम्पलिंग किट के जरिए लिए जाएंगे. इसके बाद में उन परिवारवालों के डीएनए से मैच किया जाएगा जिनके घर के सदस्य अभी भी मिसिंग हैं. अरब सागर में उठे टाउते तूफान की वजह से महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा में काफी तबाही हुई थी. आरोप लगाए जा रहे थे कि बजरे के कप्तान की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ था.

    FIR दर्ज हुई
    चीफ इंजीनियर और वाइस इंजीनियर मुस्तफिजुर रहमान शेख की शिकायत पर पुलिस ने पी-305 के कप्तान राकेश वल्लभ समेत अन्य लोगों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया था. पुलिस ने 304(2) के अलावा कई अन्य धाराओं में यह कार्रवाई की है. आरोप है कि मौसम विभाग की तरफ से चेतावनी जारी की जाने के बाद भी वल्लभ ने बार्ज पी-305 के कर्मियों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया. इंजीनयर ने आरोप लगाया था कि कप्तान की अनदेखी के चलते कई जानें गईं.