भीमा कोरेगांव केस: जेल में बंद आरोपी कवि और सामाजिक कार्यकर्ता वरवरा राव कोरोना वायरस से संक्रमित
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भीमा कोरेगांव केस: जेल में बंद आरोपी कवि और सामाजिक कार्यकर्ता वरवरा राव कोरोना वायरस से संक्रमित
81 साल के वरवरा राव कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं (File Photo)

81 साल के वरवरा राव (Varvara Rao) ने सोमवार को स्वास्थ्य कारणों और कोविड-19 महामारी (Covid-19 Pandemic) का हवाला देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) के पास अस्थायी जमानत की याचिका दाखिल की थी जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था.

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मुंबई. एल्गार परिषद केस (Elgar Parishad Case) में आरोपी कवि और सामाजिक कार्यकर्ता वरवरा राव (Varvar Rao) कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित पाए गए हैं. 81 साल के राव ने सोमवार को स्वास्थ्य कारणों और कोविड-19 महामारी (Covid-19 Pandemic) का हवाला देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) के पास अस्थायी जमानत की याचिका दाखिल की थी जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था. राव को मंगलवार को चक्कर आने की शिकायत के बाद सरकारी जे जे अस्पताल में भर्ती कराया गया. जिसके बाद उनकी हालत स्थिर बताई गई थी.

राव पिछले करीब दो साल से नवी मुंबई (Mumbai) की तलोजा जेल (Taloja Jail) में बंद हैं. जेजे अस्पताल के डीन डॉ. रणजीत मानकेश्वर ने बताया था कि राव को सोमवार देर रात जेल से अस्पताल लाए जाने के बाद उन्हें न्यूरोलॉजी विभाग में भर्ती किया गया. मानकेश्वर ने उनकी हालत स्थिर बताई थी. कार्यकर्ता और उनके परिवार के सदस्यों ने दावा किया है कि वह कुछ समय से अस्वस्थ हैं और उन्होंने जेल प्राधिकारियों से उन्हें तत्काल चिकित्सकीय सेवा मुहैया कराए जाने की मांग की थी.

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अतिरिक्त महानिदेशक (जेल) सुनील रामानंदन ने बताया था कि, ‘‘उन्हें न्यूरोलॉजी संबंधी समस्याएं हैं, उनके स्वास्थ्य के बारे में चिकित्सकों से चर्चा करेंगे और वे ही अंतिम निर्णय करेंगे. यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि वह कब तलोजा जेल भेजे जाएंगे या किसी अन्य जेल में भेजे जाएंगे.’’
कोर्ट में दायर की गई थीं दो याचिकाएं
राव ने अस्थायी जमानत का अनुरोध करते हुए सोमवार को बंबई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था और इसके लिए उन्होंने अपने बिगड़ते स्वास्थ्य एवं वर्तमान कोविड-19 महामारी का हवाला दिया था. कार्यकर्ता ने अदालत से यह भी अनुरोध किया था कि वह जेल प्राधिकारियों को उनका मेडिकल रिकार्ड पेश करने और उन्हें किसी अस्पताल में भर्ती कराए जाने का निर्देश दे. राव ने अपने वकील आर सत्यनारायण अय्यर के माध्यम से उच्च न्यायालय में दो याचिकाएं दायर की थीं. एक में विशेष एनआईए अदालत द्वारा 26 जून को उनकी जमानत याचिका खारिज किये जाने को चुनौती दी गयी थी, जबकि दूसरी याचिका में नवी मुम्बई की तलोजा जेल के अधिकारियों को उनका मेडिकल रिकार्ड पेश करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया.

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इस मामले में जेल में बंद किए गए हैं राव
राव और नौ अन्य कार्यकर्ताओं को एल्गार परिषद-माओवादी संपर्क मामले में गिरफ्तार किया गया है. इस मामले की प्रारंभ में पुणे पुलिस ने जांच की थी लेकिन इस साल जनवरी में इसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंप दिया. यह मामला 31 दिसंबर, 2017 में पुणे के एल्गार परिषद सम्मेलन में कथित उत्तेजक भाषण देने से जुड़ा है. पुलिस के अनुसार इसी के बाद अगले दिन कोरेगांव भीमा युद्ध स्मारक के पास हिंसा हुई थी.

पुलिस ने यह भी दावा किया था कि इस सम्मेलन का जिन लोगों ने आयोजन किया था, उनका कथित रूप से माओवादियों से संबंध था. (भाषा के इनपुट सहित)
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