बिहार में फ्री कोरोना वैक्सीन के दावे पर शिवसेना का सवाल- क्या बाकी राज्य पाकिस्तान में हैं?

शिवसेना ने सामना के जरिए  BJP के वादे पर निशाना साधा.
शिवसेना ने सामना के जरिए BJP के वादे पर निशाना साधा.

बिहार में फ्री कोरोना वैक्सीन (Free COVID-19 Vaccine) के दावे पर शिवसेना ने मुखपत्र सामना के जरिये सवाल किया कि 'मुफ्त में टीका सिर्फ बिहार को ही क्यों? पूरे देश को क्यों नहीं? पहले इसका उत्तर दो. पूरे देश में कोरोना का तांडव मचा है.'

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 24, 2020, 5:42 PM IST
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मुंंबई. बिहार में चुनाव (Bihar election 2020) के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा घोषणा पत्र में फ्री कोविड वैक्सीन (Free Covid-19 vaccine) दिए जाने के ऐलान के बाद से ही हंगामा मचा हुआ. सियासी दल लगातार एक ओर जहां बीजेपी की आलोचना कर रही हैं तो वहीं पार्टी अपना बचाव कर रही है. अब महाराष्ट्र में सत्ताधारी दल शिवसेना (Shiv Sena) ने भाजपा पर निशाना साधा है. शिवसेना के मुखपत्र सामना में पूछा गया है कि 'क्या बिहार के अलावा राज्य पाकिस्तान में हैं?'

सामना में लिखा गया है, 'भारतीय जनता पार्टी की असली नीति क्या है? उनका दिशा-दर्शक कौन है? इस बारे में थोड़ा भ्रम का माहौल दिख रहा है. दो दिन पहले ही प्रधानमंत्री मोदी ने जनता को आश्वासन दिया था कि सरकार प्रयास करेगी कि कोरोना का ‘टीका’ आते ही उसे देश के सभी लोगों तक पहुंचाया जाए.'





'मुफ्त में टीका सिर्फ बिहार को ही क्यों?'
सामना में लिखा गया है कि, 'मुफ्त में टीका सिर्फ बिहार को ही क्यों? पूरे देश को क्यों नहीं? पहले इसका उत्तर दो. पूरे देश में कोरोना का तांडव मचा है. यह आंकड़ा 75 लाख से ज्यादा तक पहुंच चुका है. लोग रोज अपनी जान गंवा रहे हैं. ऐसे में एक ऐसे राज्य में जहां विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, वहां इस प्रकार की राजनीति होना दुखद है. बिहार के चुनाव से ‘विकास’ गुम हो चुका है.'

लेख में कहा कि 'प्रधानमंत्री टीके का वितरण करते समय कहीं भी जाति, धर्म, प्रांत, राजनीति बीच में नहीं लाएं. लेकिन अब बिहार विधानसभा प्रचार में भाजपा नेताओं ने अजीबोगरीब कदम उठाया है. कोरोना के टीके का उत्पादन शुरू होने पर बिहार की जनता के लिए टीका मुफ्त में उपलब्ध होगा, ऐसा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है.'

बिहार में रैलियों पर सामना में सवाल
सिर्फ बिहार के लिए फ्री कोविड वैक्सीन के ऐलान पर सामना में लिखा गया है, 'बिहार ने केंद्र से विशेष दर्जा देने की हमेशा से मांग की क्योंकि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री भले हों लेकिन राज्य हमेशा पिछड़ा ही रहा. लोग बिना भोजन, भुखमरी के कारण मर रहे हैं. यह रिपोर्ट वैश्विक संगठन ने प्रकाशित की है. बिहार को ‘टीका’ मिले, इसमें कोई दो राय नहीं लेकिन अन्य राज्य पाकिस्तान में नहीं हैं. कोरोना टीका का मुद्दा भाजपा के बिहार घोषणापत्र में आना ठीक नहीं है.'



चुनावी रैलियों में कोविड प्रोटोकॉल्स की धज्जियां उड़ने पर सामना में लिखा गया है, 'बिहार के मैदान की सभाएं सारे सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को ताक पर रखकर हो रही हैं. नेताओं के हेलीकॉप्टर उड़ रहे हैं और प्रचंड भीड़ के कार्यक्रम शुरू हैं. इस भीड़ में हो सकता है ‘कोरोना’ की दबकर मौत हो जाए और राजनीतिक क्रांति हो जाए, ऐसी तस्वीर बिहार में दिख रही है. लोगों को कोरोना का डर नहीं रहा. भाजपा ने लोगों के मन में कोरोना का डर बढ़ाकर मुफ्त टीके की सुई लगाने का ‘फोकट’ उद्योग शुरू किया है.'
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