गुप्तेश्वर पांडेय के VRS पर संजय राउत बोले- महाराष्ट्र पर राजकीय तांडव का बिहार से मिला इनाम

गुप्तेश्वर पांडेय 1987 बैच के आईपीएस अफसर हैं. संयुक्त बिहार में कई जिलों के एसपी और रेंज डीआईजी के अलावा वे मुजफ्फरपुर के जोनल आईजी भी रहे हैं.
गुप्तेश्वर पांडेय 1987 बैच के आईपीएस अफसर हैं. संयुक्त बिहार में कई जिलों के एसपी और रेंज डीआईजी के अलावा वे मुजफ्फरपुर के जोनल आईजी भी रहे हैं.

वीआरएस लेने के बाद बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय (Gupteshwar Pandey) के चुनाव लड़ने की चर्चा है. संजय राउत (Shiv Sena Leader Sanjay Raut) ने कहा कि जो पार्टी उन्हें उम्मीदवार बनाएगी उसपर लोग भरोसा नहीं करेंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 23, 2020, 8:23 PM IST
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मुंबई. बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय (Gupteshwar Pandey) ने वीआरएस यानी वॉलंटरी रिटायरमेंट ले लिया है. अब इस मामले को लेकर सियासी बयानबाजी भी शुरू हो गई है. शिवसेना सांसद संजय राउत (Shiv Sena Leader Sanjay Raut) ने कहा, 'महाराष्ट्र पर उनके 'राजकीय तांडव' के पीछे का एजेंडा अब साफ हो गया है. वो मुंबई मामले में अपने बयानों के जरिए एक राजनीतिक एजेंडा चला रहे थे. जिसके लिए बिहार की नीतीश कुमार की सरकार ने उन्हें अब इनाम दिया है.' दरअसल, सुशांत सिंह राजपूत केस (Sushant Singh Rajput Case) में जब महाराष्ट्र सरकार ने जांच करने गए बिहार के IPS विनय तिवारी को जब जबरन क्वारंटीन कर दिया था, तब गुप्तेश्वर पांडेय ने सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हुए महाराष्ट्र सरकार को घेर लिया था. अब उसी को लेकर राउत ने निशाना साधा है.

वीआरएस के बाद बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय के चुनाव लड़ने की चर्चा है. संजय राउत ने कहा कि जो पार्टी उन्हें उम्मीदवार बनाएगी उसपर लोग भरोसा नहीं करेंगे. बता दें कि अपने चुनाव लड़ने की खबरों पर गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा, 'अभी तक मैंने कोई राजनीतिक पार्टी ज्वॉइन नहीं की है. चुनाव लड़ने को लेकर भी फिलहाल कोई फैसला नहीं किया है. जहां तक मेरी समाजसेवा की बात है, वो मैं बिना राजनीति में आए भी कर सकता हूं.'

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मेरे वीआरएस का सुशांत केस से कोई लेना-देना नहीं
गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि कई लोग मुझे ट्रोल कर रहे हैं. सुशांत मामले से जोड़कर लोग देख रहे हैं. मेरे वीआरएस से सुशांत मामले का कोई लेना देना नहीं है. मैंने सुशांत के निराश और हताश पिता की मदद की, लेकिन मेरी सीबीआई की अनुशंसा पर भी सवाल उठे, जो सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहरा दिया. हमने हंगामा तब किया जब हमारी पुलिस के साथ गलत हुआ. मैंने सुशांत के इंसाफ के लिये लड़ाई लड़ी. लोग कह रहे हैं कि मैने सुशांत के मामले को उठाया, उसे लोग राजनीति से जोड़ रहे हैं जो गलत है.



1987 बैच के आईपीएस अफसर
गुप्तेश्वर पांडेय 1987 बैच के आईपीएस अफसर हैं. संयुक्त बिहार में कई जिलों के एसपी और रेंज डीआईजी के अलावा वे मुजफ्फरपुर के जोनल आईजी भी रहे हैं. एडीजी मुख्यालय और डीजी बीएमपी का भी उन्होंने पद संभाला था. केएस द्विवेदी के रिटायर होने के बाद फरवरी, 2019 में बिहार के डीजीपी नियुक्त किए गए थे. गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक 22 सितंबर, 2020 की दोपहर से उन्हें वीआरएस दे दी गई है.

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अब किसे मिली डीजीपी की जिम्मेदारी?
गुप्तेश्वर पांडेय के कार्यकाल पूरा होने से पहले रिटायरमेंट (वीआरएस) लेने को लेकर अटकलें काफी समय से लगाई जा रही थीं. अब उन्होंने वीआरएस के लिए आवेदन दिया, जिसे राज्य सरकार ने मंजूर कर लिया है. सिविल डिफेंस एंड फायर सर्विसेज के डीजी संजीव कुमार सिंघल को अगले आदेश तक डीजीपी बिहार का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है.
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