रात 8 बजे तक नागपुर में पहुंचाएं 10,000 रेमडेसिविर इंजेक्‍शन, उद्धव सरकार को हाईकोर्ट का आदेश

बॉम्‍बे हाईकोर्ट ने दिया आदेश. (File pic)

बॉम्‍बे हाईकोर्ट ने दिया आदेश. (File pic)

बॉम्‍बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने कहा कि अगर भारत में कुल कोरोना केसों में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी 40 फीसदी है तो रेमडेसिविर का वितरण भी राज्य को उसी अनुपात में होना चाहिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 21, 2021, 1:27 PM IST
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मुंबई. महाराष्‍ट्र (Maharashtra) में कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) के कारण हालात बेहद खराब हैं. राज्‍य के अधिकांश शहरों जैसे मुंबई, नागपुर पुणे समेत अन्‍य में संक्रमण (Covid 19) की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में अस्‍पतालों में बेड और ऑक्‍सीजन (Oxygen) भी कम पड़ रही है. साथ ही रेमडेसिविर इंजेक्‍शन (Remdisivir) की कमी हो रही हैं. इस कमी को देखते हुए बॉम्‍बे हाईकोर्ट ने राज्‍य की उद्धव सरकार को आदेश दिया है कि वह सोमवार रात 8 बजे तक नागपुर में 10000 रेमडेसिविर के इंजेक्‍शन की सप्‍लाई सुनिश्चित करे.

बाम्‍बे हाईकोर्ट के जस्टिस सुनील शुकरे और एसएम मोदक की डिवीजन बेंच ने सोमवार को कहा है कि रेमडेसिविर इंजेक्‍शन का वितरण जरूरत के हिसाब से किया जाना चाहिए. हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार से यह भी जानकारी मांगी है किन मानकों के आधार पर दवा का वितरण अलग-अलग राज्यों व जिलों में हो रहा है.

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हाईकोर्ट ने कहा कि अगर भारत में कुल कोरोना केसों में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी 40 फीसदी है तो रेमडेसिविर का वितरण भी राज्य को उसी अनुपात में होना चाहिए. बता दें कि रेमडेसिविर इंजेक्शन कोरोना के गंभीर मरीजों को लगाया जाता है. इस समय अधिकांश जगहों पर रेमडेसिविर की कालाबाजारी की बात भी सामने आई है.


कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को 21 अप्रैल तक हलफनामा दाखिल करके यह बताने को कहा है कि किस आधार पर रेमडेसिविर का वितरण हो रहा है.
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