हाईकोर्ट में पर्यावरण प्रेमियों को झटका, मुंबई के एकमात्र ग्रीन ज़ोन में काटे जाएंगे 2700 पेड़
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हाईकोर्ट में पर्यावरण प्रेमियों को झटका, मुंबई के एकमात्र ग्रीन ज़ोन में काटे जाएंगे 2700 पेड़
मुंबई की आरे कॉलोनी में पेड़ काटने को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहा है.

1287 हेक्टेयर में फैले और संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान (Sanjay Gandhi National Park) से सटी आरे कॉलोनी को मुंबई (Mumbai) का सबसे हराभरा इलाका (Green Zone) माना जाता है.

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  • Last Updated: October 4, 2019, 1:09 PM IST
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मुंबई. मुंबई के एकमात्र ग्रीन जोन (Green Zone) आरे कॉलोनी में बनने वाले मेट्रो कारशेड (metro carshed) के लिए पिछले कुछ समय हो रहे विरोध प्रदर्शन पर हाईकोर्ट ( Bombay High Court) में शुक्रवार को सुनवाई हुई. बॉम्बे हाईकोर्ट ने पर्यावरण प्रेमियों (Environment lover) की सभी याचिकाएं (Petition) खारिज कर दी हैं. हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद साफ हो गया है कि आरे कॉलोनी में बनाए जाने वाले मेट्रो कारशेड के लिए 2700 पेड़ काटे जाएंगे. पर्यावरण प्रेमियों ने कारशेड कहीं और स्थानांतरित करने के लिए याचिकाएं दायर की थी.

1287 हेक्टेयर में फैले और संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान से सटी आरे कॉलोनी को मुंबई का सबसे हराभरा इलाका माना जाता है. इस इलाके को महानगर का दिल भी कहा जाता है. यही कारण है कि कई बॉलीवुड हस्तियों और राजनेताओं ने भी पेड़ न काटने के लिए हो रहे विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया था.


20 सितंबर को महाराष्ट्र सरकार ने अदालत से कहा था कि आरे को सिर्फ हरियाली के कारण जंगल घोषित नहीं किया जा सकता है. मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने अदालत में तर्क दिया था कि यह परियोजना शहर के लिए सबसे महत्वपूर्ण थी.



मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की ओर से शामिल हुए वकील आशुतोष कुंभकोनी ने कहा, ट्रेनों में भीड़भाड़ के कारण हर दिन 10 लोगों की मौत हो जाती है. मेट्रो परियोजना से ट्रेनों का दबाव कम होगा.

एक्टिविस्ट ज़ोरू भाठेना ( जिन्होंने पेड़ों को काटने के फैसले को चुनौती दी थी) ने कहा, इस खबर को सुनकर काफी दुख हुआ. हम इस लड़ाई को आगे ले जाएंगे. आरे के लिए यह एक दुखद दिन है. हम सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे.

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