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'बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट राष्ट्रीय महत्व का...' बॉम्बे HC ने खारिज की भूमि अधिग्रहण के खिलाफ गोदरेज एंड बॉयस की याचिका

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि बुलेट ट्रेन परियोजना राष्ट्रीय महत्व की है. (फाइल फोटो)

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि बुलेट ट्रेन परियोजना राष्ट्रीय महत्व की है. (फाइल फोटो)

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मुंबई. बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुलेट ट्रेन परियोजना (Bullet Train Project) को लेकर महाराष्ट्र में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ गोदरेज एंड बॉयस की याचिका खारिज कर दी है. अदालत ने गुरुवार को याचिका खारिज करते हुए कहा कि बुलेट ट्रेन परियोजना राष्ट्रीय महत्व की है. मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए विक्रोली प्लॉट के अधिग्रहण के खिलाफ गोदरेज एंड बॉयस मैन्युफैक्चरिंग लिमिटेड ने यह याचिका दायर की थी.

अदालत ने आगे कहा कि निजी हित से बड़ा सार्वजनिक हित होता है और यह परियोजना अपनी तरह की पहली परियोजना है. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि याचिकाकर्ता ने हमारे लिए अपनी शक्तियों का प्रयोग करने का मामला नहीं बनाया है. यह सर्वोपरि सामूहिक हित है जो उपर है. यह परियोजना अपनी तरह की पहली परियोजना है. इसलिए याचिका खारिज की जाती है. दरअसल गोदरेज एंड बॉयस की याचिका ने 15 सितंबर, 2022 को डिप्टी कलेक्टर द्वारा 264 करोड़ रुपए का मुआवजा देने के बाद कंपनी की जमीन के अधिग्रहण के लिए दिए गए मुआवजे के फैसले को कोर्ट में चुनौती दी थी.

कंपनी द्वारा याचिका में दावा किया गया था कि पूरी कार्यवाही 2020 में समाप्त हो गई थी और इसलिए अधिकारी द्वारा पारित मुआवजा शुरू से ही शून्य था. याचिका में भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन अधिनियम में उचित मुआवजा और पारदर्शिता के अधिकार में संशोधन को भी चुनौती दी गई थी. वहीं दूसरी ओर सरकार की ओर से बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया गया कि गोदरेज एंड बॉयस कंपनी के स्वामित्व वाली भूमि को छोड़कर परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण पूरा हो गया था.

Tags: Bombay high court, Mumbai-Ahmedabad bullet train project

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