मध्य रेलवे ने खोला वैक्सीनेशन सेंटर, पहले चरण में डॉक्टर्स और स्वास्थ्यकर्मियों को लगेगा टीका

रेलवे ने इस वैक्सीनेशन सेन्टर की शुरुवात अपने भायखला अस्पताल में की है (सांकेतिक तस्वीर)

रेलवे ने इस वैक्सीनेशन सेन्टर की शुरुवात अपने भायखला अस्पताल में की है (सांकेतिक तस्वीर)

मध्य रेलवे ने अपने कोरोना योद्धा कर्मचारियों को वैक्सीन लगाने के लिए वैक्सीनेशन सेंटर खोलने को लेकर बीएमसी से इजाजत मांगी थी, जिसको मंजूर करते हुए बीएमसी ने वैक्सीनेशन सेंटर खोलने की इजाजत मध्य रेलवे को दे दी.

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  • Last Updated: March 9, 2021, 10:07 PM IST
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मुंबई. पश्चिम रेलवे (West Railway) के बाद अब मध्य रेलवे (Central Railway) ने भी कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते घोषित किए गए लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान कोरोना वॉरियर्स की भूमिका निभाने वाले रेल कर्मचारियों को वैक्सीन लगाने के लिए बाकायदा वैक्सीनेशन सेंटर की शुरुआत की. इस वैक्सीनेशन सेन्टर की शुरुआत मध्य रेलवे के भायखला इलाके में स्थित डॉ भीमराव अंबेडकर अस्पताल में की गई. इस वैक्सीनेशन सेन्टर में सबसे पहले डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ को वैक्सीन लगाई जा रही है. रेलवे में इस तरह का यह दूसरा वैक्सीनेशन सेन्टर हैं.

मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवाजी सुतार ने बताया कि रेलवे ने इस वैक्सीनेशन सेन्टर की शुरुवात अपने भायखला अस्पताल में की है. शुरुवाती चरण में सिर्फ डॉक्टर्स और सफाईकर्मियों सहित अन्य पैरामेडिकल स्टाफ को लगाई जाएगी, क्योंकि ये रेलवे के फ्रंट कोरोना वारियर्स हैं और लॉकडाउन के दौरान जान की परवाह न करते हुए अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वाहन किया.

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मध्य रेलवे ने बीएमसी से मांगी थी इजाजत
दरअसल मध्य रेलवे ने अपने कोरोना योद्धा कर्मचारियों को वैक्सीन लगाने के लिए वैक्सीनेशन सेंटर खोलने को लेकर बीएमसी से इजाजत मांगी थी, जिसको मंजूर करते हुए बीएमसी ने वैक्सीनेशन सेंटर खोलने की इजाजत मध्य रेलवे को दे दी. इस वैक्सीनेशन सेन्टर में केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई प्रक्रिया का पालन करते हुए डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ वैक्सीन लगवा सकते हैं.

दरअसल लॉकडाउन के चलते मुम्बई ने फंसे लोगों को उनके घर तक पहुँचाने के लिए रेलवे और उसके कर्मचारियों ने कोविड खतरे के बावजूद अपनी जान की परवाह न करते हुए बेहद ही अहम भूमिका निभाई थी. फिर चाहे श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाने की बात हो या अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए लोकल ट्रेनें. इस दौरान रेल कर्मचारी बखूबी अपनी ड्यूटी पर डटे रहे.
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