मराठा आरक्षण के लिए आज सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ेंगे छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज

पहले भी हुए हैं मराठा आंदोलन. (File pic)

पहले भी हुए हैं मराठा आंदोलन. (File pic)

Maratha Reservation: संभाजीराजे छत्रपति (Sambhajiraje Chhatrapati) ने मई में महाराष्‍ट्र की महा विकास आघाड़ी सरकार को अल्‍टीमेटम भी दिया था और कई मांगें उठाई थीं.

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मुंबई. छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) के वंशज और मराठा नेता व बीजेपी के सांसद संभाजीराजे छत्रपति (Sambhajiraje Chhatrapati) शिक्षा व सरकारी नौकरी में मराठा आरक्षण (Maratha Reservation) के लिए रविवार को सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं. संभाजीराजे छत्रपति रविवार को रायगढ़ किले में एक कार्यक्रम में हिस्‍सा लेने वाले हैं. यह कार्यक्रम छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्‍याभिषेक होने की वर्षगांठ के उपलक्ष्‍य में आयोजित किया जा रहा है.

इससे पहले मई में संभाजीराजे छत्रपति ने महाराष्‍ट्र की महाविकास आघाड़ी सरकार को अल्‍टीमेटम भी दिया था और कई मांगें उठाई थीं. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट में भी मराठा आरक्षण को लेकर पुनर्विचार याचिका भी लगाई थी.

उनकी मांगों में यह भी शामिल है कि समुदाय के छात्र-छात्राओं को हॉस्‍टल फैसिलिटी और स्‍कॉलरशिप जैसे लाभ भी मिलें. साथ ही वह चाहते हैं कि पुणे आधारित 'सारथी' को भी फिर से शुरू किया जाए. ताकि मराठा युवाओं को शिक्षा और उनका कल्‍याण सुनिश्चित हो पाए.

बता दें कि मई में सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र की शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश और सरकारी नौकरियों में मराठा समुदाय को आरक्षण देने संबंधी राज्य के कानून को असंवैधानिक करार देते हुए इसे खारिज कर दिया था. न्यायालय ने कहा था कि 1992 में मंडल फैसले के तहत निर्धारित 50 प्रतिशत आरक्षण सीमा के उल्लंघन के लिए कोई असाधारण परिस्थिति नहीं है.


वहीं संभाजीराजे छत्रपति ने मई में एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात करके उनसे मराठा आरक्षण पर चर्चा की थी. साथ ही उनके इस मामले में पहल करने की मांग भी की थी.

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