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Coal Crisis: कोयले की कमी के चलते मुंबई में बिजली संकट, महाराष्ट्र में 13 पावर प्लांट बंद

 चंद्रपुर, भुसावल, नासिक और कुछ अन्य जगहों पर पावर प्लांट काम नहीं कर रहे हैं.  (सांकेतिक तस्वीर)

चंद्रपुर, भुसावल, नासिक और कुछ अन्य जगहों पर पावर प्लांट काम नहीं कर रहे हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

Coal Crisis: कोयला मंत्रालय ने रविवार को स्पष्ट किया कि बिजली उत्पादक संयंत्रों की जरूरत को पूरा करने के लिए देश में कोयले का पर्याप्त भंडार है. मंत्रालय ने कोयले की कमी की वजह से बिजली आपूर्ति में बाधा की आशंकाओं को पूरी तरह निराधार बताया.

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    मुंबई. कोयले की किल्लत (Coal Crisis) का असर अब दिखने लगा है. देश के कई हिस्सों से बिजली संकट की खबरें आ रही है. आर्थिक राजधानी मुंबई में भी इसका असर दिखने लगा है. महाराष्ट्र में 13 पावर प्लांट बंद हो गए हैं. लिहाजा राज्य में 3,300 मेगावाट बिजली की कमी हो गई है. मुंबई को छोड़ कर राज्य के बाक़ी हिस्सों में रविवार को 18,000 मेगावाट बिजली की कमी थी. हालांकि केंद्र सरकार बार-बार कह रही है कि कोयले की आपूर्ति में जल्द सुधार आएगा.

    अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक चंद्रपुर, भुसावल, नासिक और कुछ अन्य जगहों पर पावर प्लांट काम नहीं कर रहे हैं. राज्य के ऊर्जा विभाग ने पनबिजली और दूसरे स्रोतों से फिलहाल बिजली सप्लाई लेने की कोशिश कर रही है. बिजली विभाग ने भी लोगों से अपील की है कि वे पीक आवर्स में सुबह 6 बजे से 10 बजे तक और शाम 6 से 10 बजे तक बिजली का इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर ही करें.

    कोयले का स्टॉक कम
    इस बीच ऊर्जा सचिव दिनेश वाघमारे ने कहा, ‘हमारे पास कोयले का स्टॉक है जो सिर्फ डेढ़ दिन चलेगा. हम बार-बार केंद्र से कोयला मांग रहे हैं. हमें भेजा गया कोयला पर्याप्त नहीं है. ऐसे हालात में हमें लोड शेडिंग करनी होगी.’ इस बीच मंत्रालय ने यह चेतावनी भी दी कि अगर कोई बिजली वितरण कंपनी पीपीए के अनुसार बिजली उपलब्ध होने के बावजूद लोड शेडिंग का सहारा लेता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि देश में कोयला आधारित बिजली उत्पादन इस साल सितंबर तक 24 प्रतिशत बढ़ा है. बिजली संयंत्रों को आपूर्ति बेहतर रहने की वजह से उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है.

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    सरकार का दावा- कोयले का पर्याप्त भंडार
    इससे पहले ऐसी खबरें आई थीं कि कोयले की कमी की वजह से देश में बिजली संकट पैदा हो सकता है. इसके बाद मंत्रालय ने एक बयान जारी किया.  मंत्रालय ने कहा, ‘कोयला मंत्रालय आश्वस्त करता है कि बिजली संयंत्रों की जरूरत को पूरा करने के लिए देश में कोयले का पर्याप्त भंडार है. इसकी वजह से बिजली संकट की आशंका पूरी तरह गलत है.

    कोल इंडिया के पास 400 लाख टन का भंडार
    कोयला मंत्रालय ने कहा कि बिजली संयंत्रों के पास करीब 72 लाख टन का कोयला भंडार है जो चार दिन के लिए पर्याप्त है. कोल इंडिया के पास 400 लाख टन का भंडार है जिसकी आपूर्ति बिजली संयंत्रों को की जा रही है. कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने ट्वीट किया, ‘देश में कोयले के उत्पादन और आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की. मैं सभी को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि बिजली आपूर्ति में बाधा की कोई आशंका नहीं है. कोल इंडिया के मुख्यालय पर 4.3 करोड़ टन कोयले का भंडार है जो 24 दिन की कोयले की मांग के बराबर है.’ (एजेंसी इनपुट के साथ)

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