Home /News /maharashtra /

मराठों के बंद को फडणवीस सरकार ने कैसे किया बेअसर? जानें INSIDE STORY

मराठों के बंद को फडणवीस सरकार ने कैसे किया बेअसर? जानें INSIDE STORY

राज्य में पुलिस बल से साथ-साथ विशेष रिजर्व पुलिस बल और आरएएफ को भी उतारा गया है. रेलवे स्टेशनों पर जीआरपी और आरपीएफ को तैनात कर दिया गया है.

राज्य में पुलिस बल से साथ-साथ विशेष रिजर्व पुलिस बल और आरएएफ को भी उतारा गया है. रेलवे स्टेशनों पर जीआरपी और आरपीएफ को तैनात कर दिया गया है.

राज्य में पुलिस बल से साथ-साथ विशेष रिजर्व पुलिस बल और आरएएफ को भी उतारा गया है. रेलवे स्टेशनों पर जीआरपी और आरपीएफ को तैनात कर दिया गया है.

    मराठा आंदोलन के दूसरे दिन राज्य में बंद के दौरान हालात लगभग शांतिपूर्ण रहा और दोपहर होते-होते मराठा क्रांति मोर्चा ने अपना बंद वापस भी ले लिया. इस बंद को बेअसर करने के पीछे सरकार की मजबूत प्लानिंग का भी एक बड़ा हाथ माना जा रहा है. भीमा कोरेगांव के दलित आंदोलन की तरह इस बार सरकार लापरवाह नहीं थी, इसलिए आंदोलन की भनक लगते ही खुद सीएम देवेंद्र फणनवीस ने कमान संभाल ली.

    मंगलवार को कैबिनेट की मीटिंग रद्द कर सारे मंत्रियों को उनके इलाकों में जाने को कहा गया ताकि पुलिस और प्रशासन को सीधे निर्देश दिए जा सकें. सीएम ने खुद लगातार हर बड़े शहर के पुलिस अफसरों से सीधे बात की और डीजीपी दत्ता पडसालीगर को वॉररूम में रहने का निर्देश दिया. 'रॉ' के बाद मुंबई के पुलिस कमिश्नर रह चुके पडसालीगर हर घंटे में सीएम को रिपोर्ट दे रहे थे.

    ये भी पढे़ंः LIVE: मुंबई में प्रदर्शनकारियों ने पथराव के बाद बसों में आग लगाई, कई जगहों पर हाइवे जाम


    इस बार इस बात का भी पूरा खयाल रखा गया कि सोशल मीडिया और टीवी पर किसी तरह की अफवाह न फैले. पहले दिन जब औरंगाबाद में माहौल बिगड़ रहा था, तभी इंटरनेट को थोड़ा धीमा कर दिया गया. इसके साथ ही विशेष सायबर सेल के जरिये ग्रुप मेसेजिंग पर भी इस बार ध्यान दिया गया. 'शहरी नक्सलियों' पर पुलिस की हालिया कार्रवाई के बाद सीपीएम ने मराठा आरक्षण को समर्थन तो दिया है, लेकिन लेफ्ट के कैडर भी आंदोलन से दूर ही दिखें.

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सुबह-सुबह न्यूज़ 18 इंडिया से भी कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहे तो ठीक है. हालांकि इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पुलिस को हिंसा या तोड़फोड़ में लिप्त प्रदर्शनकारियों के साथ सख्ती से निपटने का निर्देश दिया है.

    हालात को पूरी तरफ काबू में रखने के लिए राज्य में पुलिस बल से साथ-साथ विशेष रिजर्व पुलिस बल और आरएएफ को भी उतारा गया है. रेलवे स्टेशनों पर जीआरपी और आरपीएफ को तैनात कर दिया गया है. इतना ही नहीं राज्यभर में ऐहतियातन 3 हजार से ज्यादा असामाजिक तत्वों को हिरासत में लिया गया है. जब तक हालात न बिगडे़ं तब तक आंदोलनकारियों पर बल प्रयोग करने से मना किया गया.  सारे प्रदर्शनों की वीडियोग्राफी भी पुलिस की तरफ से और साथ ही ट्रैफिक पुलिस के मुंबई शहर में लगे करीब 3 हजार कैमरों से नजर रखी जा रही है ताकि तुरंत कार्यवाही हो सके.

    ये भी पढे़ंः Opinion: महाराष्ट्र में क्यों नाराज़ हैं मराठा?

    राजनीतिक पार्टियों के नेताओं खासतौर पर शरद पवार और अशोक चव्हाण ने बयान तो जारी किए, लेकिन सरकार की तरफ से ही वरिष्ठ मंत्री विनोद तावडे़ ने आरोप लगा दिया कि घर बैठे मराठा नेता लोगों को भड़का रहे हैं. इस पलटवार के कारण तमाम बडे़ मराठा नेता चुप हो गए, यानी राजनीति के साथ-साथ बंदोबस्त का दांव खेलकर मुख्यमंत्री बुधवार को तो मराठा आंदोलन को काबू करने में कामयाब दिखे.

    Tags: Maharashtra

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर