• Home
  • »
  • News
  • »
  • maharashtra
  • »
  • Opinion: आर्थिक मंदी बनाम अनुच्छेद 370 की बड़ी बहस लेकिन वोट तो राष्ट्रवाद पर ही पड़ेगा

Opinion: आर्थिक मंदी बनाम अनुच्छेद 370 की बड़ी बहस लेकिन वोट तो राष्ट्रवाद पर ही पड़ेगा

2019 के लोकसभा चुनाव में भारी पराजय से पस्त पड़ी कांग्रेस अभी भी हार के हैंगओवर से बाहर नहीं निकल सकी है

2019 के लोकसभा चुनाव में भारी पराजय से पस्त पड़ी कांग्रेस अभी भी हार के हैंगओवर से बाहर नहीं निकल सकी है

2019 के लोकसभा चुनाव में भारी पराजय से पस्त पड़ी कांग्रेस अभी भी हार के हैंगओवर से बाहर नहीं निकल सकी है

  • Share this:
महाराष्ट्र और हरियाणा के विधानसभा चुनाव में विपक्ष के लिए साल 2014 के बाद भी बदली हुई परिस्थितियां दिखाई नहीं दे रही हैं. 2019 के लोकसभा चुनाव में भारी पराजय से पस्त पड़ी कांग्रेस अभी भी हार के हैंगओवर से बाहर नहीं निकल सकी है. यही वजह है कि राज्यों के चुनाव में भी वो राष्ट्रीय मुद्दों के आधार पर विधानसभा का चुनाव लड़ रही है. बीजेपी जहां अनुच्छेद 370 और राष्ट्रवाद की आंधी में जनता से राज्य में दोबारा मजबूत सरकार बनाने का आशीर्वाद मांग रही है तो कांग्रेस भी स्थानीय और क्षेत्रीय मुद्दों की बजाए आर्थिक मंदी में बुरी तरह नाकाम रहने का आरोप लगाकर मोदी सरकार को घेरने की कोशिश कर ही है.

आर्थिक मंदी पर कांग्रेस का 'मनमोहन प्लान'

लोकसभा चुनावों से ऐन पहले बालाकोट एयर स्ट्राइक ने जिस तरह पूरे चुनाव और देश का मूड बदल दिया उसी तरह जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर विशेष राज्य के दर्जे को खत्म करने के फैसले ने विपक्ष के दूसरे मुद्दों को हाशिए पर धकेल दिया है. चर्चा सिर्फ राष्ट्रवाद की है. किसानों की हालत या बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर विपक्ष माहौल बनाने में नाकाम दिखाई दे रहा है.

कांग्रेस समेत विपक्षी दल आर्थिक मंदी पर मोदी सरकार पर निशाना लगा रहे हैं. अब पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर मोदी सरकार पर हमला करने के लिए रण में उतारे जा रहे हैं. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में डॉ मनमोहन सिंह अर्थ के शास्त्र पर अपने विचार रखेंगे.

दरअसल, आर्थिक मंदी के ग्लोबल संकट को देखते हुए अंतर्राष्ट्रीय एजेंसिया भारत की अर्थव्यवस्था पर भी चिंता जता रही है. वर्ल्ड बैंक के बाद IMF यानी इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड ने भारत की विकास दर का अनुमान घटा दिया है. यहां तक कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पति और बुद्धिजीवी परकला प्रभाकर ने अर्थव्यवस्था के हालात पर पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह के आर्थिक मॉडल को अपनाने का सुझाव दिया है.  कांग्रेस को उम्मीद है कि शायद मंदी के मोर्चे पर मोदी सरकार को मुश्किल में डाला जा सकता है.

अनुच्छेद 370 पर हाथ जला चुकी है कांग्रेस

दरअसल, कांग्रेस ये जान चुकी है कि अनुच्छेद 370 को हटाने के तरीके पर उसका विरोध 'बूमरैंग' कर चुका है. कश्मीर के मुद्दे पर दुनिया के नामचीन देशों से समर्थन हासिल करने वाली मोदी सरकार ये साबित करने में जुटी हुई है कि पिछले 70 साल से कांग्रेस कश्मीर में विशेष दर्जे के नाम पर सियासत कर देश को गुमराह कर रही थी.

अब बीजेपी अनुच्छेद 370 हटा कर बिना किसी रक्त-क्रांति के शांति के साथ कश्मीर के भारत में पूर्ण विलय की विजय गाथा लेकर चुनावी रण में हुंकार भर रही है. जबकि पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ये आरोप लगा रहे हैं कि बीजेपी जानबूझकर अनुच्छेद 370 का राग अलाप कर आर्थिक मंदी और बेरोजगारी से ध्यान हटा रही है.

जिस राफेल को लेकर कांग्रेस बीजेपी पर हमले करती थी बीजेपी उसी राफेल को राष्ट्रवाद से जोड़ने का काम कर रही है.  विजयादशमी के दिन राफेल-पूजा कर रक्षा मंत्री ने ये कहा कि अगर बालाकोट के वक्त देश के पास राफेल होता तो बात ही अलग होती.  इस बयान ने बालाकोट स्ट्राइक के शौर्य से राफेल को जोड़ दिया तो उसकी पूजा ने देश की संस्कृति से.

बीजेपी के सभी स्टार प्रचारक अपनी रैलियों में अनुच्छेद 370 और 3 तलाक का मुद्दा उठा रहे हैं. खुद पीएम मोदी ने कांग्रेस को सीधी चुनौती देते हुए कहा है कि अगर कांग्रेस में दम है तो वो 370 को वापस लाकर दिखाए.

बीजेपी के मुद्दे भी हैं और मौके भी

जाहिर सी बाद है कि पीएम मोदी के नाम पर ही ये विधानसभा चुनाव भी लड़ा जा रहा है. पीएम मोदी जहां–जहां प्रचार करेंगे वहां वो केंद्र सरकार की उपलब्धियों को जनता के बीच बताएंगे. बीजेपी के पास अपनी उपलब्धियों के बखान के लिए तमाम मुद्दे हैं लेकिन कांग्रेस के पास मुद्दों की मंदी दिखाई दे रही है. ऐसा लगता है कि कांग्रेस और विपक्ष स्थानीय मुद्दों को भी चुनाव में उठाने का जोखिम नहीं उठाना चाहता है.

जबकि बीजेपी के लिए हरियाणा और महाराष्ट्र में अनुच्छेद 370 सबसे बड़ा हथियार है. इसकी बड़ी वजह ये है कि भारतीय सेना में हरियाणा और महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व बहुत ज्यादा है. तभी बालाकोट एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक ने पीएम मोदी के 56 इंची फैसले लेने की ताकत को साबित करते हुए लोकसभा चुनाव में यहां से जबर्दस्त जीत दिलाई. हरियाणा में बीजेपी ने सभी 10 लोकसभा सीटें जीतीं तो महाराष्ट्र में वो बड़े भाई की भूमिका मे आ गई. तो अब अनुच्छेद 370 ने महाराष्ट्र-हरियाणा विधानसभा में बीजेपी को बढ़त बनाने का मौका दे दिया है.

बड़ा सवाल ये है कि कांग्रेस के पास क्या कोई रोडमैप है जिसे वो जनता के सामने विकल्प के तौर पर रख सके? कांग्रेस को सोचना होगा कि जनता ने लोकसभा चुनाव के वक्त उसकी न्याय योजना के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था. ऐसे में मोदी सरकार पर अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर गंभीर आरोप लगाने से पहले कांग्रेस को एक ठोस योजना के साथ अपनी बात कहनी होगी. सिर्फ बुद्धजीवियों के मंच पर डॉ मनमोहन सिंह को आगे रखकर आर्थिक नीतियों पर घेराव कर चुनाव नहीं जीता जा सकेगा.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज