महाराष्ट्र में धीमी हो रही है कोरोना की रफ्तार, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और टेस्टिंग से मिला फायदा

महाराष्ट्र देश में कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित राज्य है. (सांकेतिक तस्वीर)
महाराष्ट्र देश में कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित राज्य है. (सांकेतिक तस्वीर)

महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे (Rajesh Tope) ने कहा 'कोविड-19 (Covid-19) के मामलों में वृद्धि पर लगाम लगाने का यह केवल पहला संकेत है. हमें मृत्यु दर में भी कमी लानी होगी. सितंबर के महीने में ऐसा भी समय आया था जब प्रतिदिन 20,000 मामले सामने आ रहे थे.

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मुंबई. महाराष्ट्र में अब तक कोरोना वायरस (Corona Virus) संक्रमण की रफ्तार धीमी पड़ती नजर आ रही है. राज्य में अब तक 17 लाख से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन अब स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होता दिख रहा है. एक लाख मामले पिछले 16 दिन में सामने आए हैं. जबकि, इससे पहले के हालात देखे जाएं तो एक लाख का आंकड़ा औसतन दस दिन से भी कम समय में पार हो रहा था.

अधिकारियों के अनुसार जहां तक एक लाख मामले सामने आने का सवाल है, संक्रमण के मामलों में बढ़त होने की यह सबसे धीमी वृद्धि अवधि है. देश में महामारी से सर्वाधिक प्रभावित राज्य में सितंबर के महीने में जहां प्रतिदिन बीस हजार से अधिक मामले सामने आ रहे थे, वहीं पिछले कुछ सप्ताहों में प्रतिदिन सामने आने वाले मामले घटकर 4000 से 7000 के बीच रह गए हैं.

कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और जांच के तरीकों ने की मदद
अधिकारियों के अनुसार संक्रमितों के संपर्क में आने वालों का पता लगाने, विभिन्न सरकारी एजेंसियों के जांच के तरीके अपनाने और लोगों में जागरूकता फैलाने से मामलों में संक्रमण के मामलों में कमी आई है. स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा 'वायरस के प्रसार की शुरुआत में राज्य में पहले एक लाख मामले 9 मार्च से 12 जून के बीच सामने आए. इसका मतलब है कि पहले एक लाख की संख्या तक पहुंचने में 94 दिन का समय लगा, लेकिन जैसे-जैसे संक्रमण फैलता गया, अगले 23 दिन में ही संक्रमण के मामले दो लाख तक पहुंच गए.'
उन्होंने कहा 'तब से तीन लाख से 16 लाख तक पहुंचने में, प्रति एक लाख मामले सामने आने में अधिकतम समय 10 दिन से कम लग रहा था.' उन्होंने कहा 'जब से राज्य में दो लाख मामले सामने आए थे, तब से ऐसा पहली बार हुआ कि एक लाख मामले बढ़ने में 16 दिन का समय लगा. संक्रमण के फैलने की गति पर लगाम लगाने में जुटी विभिन्न एजेंसियों और कर्मचारियों के लिए वास्तव में यह एक उपलब्धि है.'



सितंबर के महीने में ऐसा भी समय आया था जब महाराष्ट्र में प्रतिदिन 20,000 मामले सामने आ रहे थे. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा 'कोविड-19 के मामलों में वृद्धि पर लगाम लगाने का यह केवल पहला संकेत है. लोगों की जीवनचर्या को पटरी पर लाने के लिए हमें मृत्यु दर में भी कमी लानी होगी. हम जांच और उपचार के अपने प्रयास जारी रखेंगे क्योंकि यह अब भी जरूरी है.'
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