Coronavirus: 'धारावी मॉडल' ने दुनिया के सामने पेश की मिसाल, वर्ल्ड बैंक ने भी की सराहना

कोरोना की रोकथाम पर धारावी मॉडल की वर्ल्ड बैंक ने भी की सराहा
कोरोना की रोकथाम पर धारावी मॉडल की वर्ल्ड बैंक ने भी की सराहा

कोरोना वायरस (Corona) की शुरुआत में जिस तरह से मुं​बई (Mumbai) में मौजूद एशिया की सबसे बड़ी स्लम बस्ती धारावी (Dharavi) संक्रमित होना शुरू हुई थी, उसे देखने के बाद हर ​कोई डरा हुआ था कि यहां पर काबू कैसे पाया जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 8, 2020, 1:27 PM IST
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मुंबई. कोरोना वायरस (Coronavirus) का संक्रमण पूरे देश में तेजी से फैल रहा है. कोरोना से सबसे ज्यादा कोई राज्य प्रभावित हुआ है तो वह महाराष्ट्र है. कोरोना की शुरुआत में जिस तरह से मुं​बई (Mumbai) में मौजूद एशिया की सबसे बड़ी स्लम बस्ती धारावी (Dharavi) संक्रमित होना शुरू हुई थी, उसे देखने के बाद हर ​कोई डरा हुआ था कि यहां पर काबू कैसे पाया जाएगा. हालांकि अब हालात बिल्कुल बदल चुके हैं और धारावी ने पूरी दुनिया के सामने कोरोना से लड़ाई का एक आदर्श मॉडल पेश किया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के बाद अब विश्व वैंक ने भी धारावी में कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदम की सराहना की है.

विश्व बैंक ने कहा है कि धारावी ने जिस तरह से कोरोना पर काबू पाया है उसे देखने के बाद हम कह सकते हैं कि यह दुनिया के लिए एक आदर्श मॉडल है. उन्होंने कहा समस्या के अनुरूप समाधान निकालने और सामुदायिक स्तर पर सहभागिता बनाने की वजह से धारावी में संक्रमण को फैसले से रोकने में कामयाबी हासिल की गई.​ विश्व बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक मई में धारावी में कोरोना के सबसे अधिक मामले थे जो आवश्यक कदम उठाए जाने के बाद जुलाई में बीस प्रतिशत तक कम हो गए.

विश्व बैंक की ओर से 'गरीबी एवं साझा समृद्धि' रिपोर्ट में कहा गया है कि धारावी में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने जिस तरह से बड़े पैमाने पर लोगों की जांच की उसका असर अब देखने को मिल रहा है. स्वास्थ्य विभाग की जांच में धारावी के लोगों ने भी पूरा सहयोग दिया. यहां पर प्राइवेट अस्पताल के कर्मचारियों को भी तैनात किया गया था, जिससे वायरस को फैलने से रोका जा सका.
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5000 से ज्यादा डॉक्टर, नर्स और वॉलेंटियर कर रहे निगरानी
दुनिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती में शुमार मुंबई के धारावी में कोरोना वायरस के खिलाफ एक आशा की किरण जगी है. करीब 5000 लोगों, जिनमें डॉक्टर, नर्स, मुनसिपैलिटी कर्मचारी और वॉलंटियर शामिल हैं, की बीते दो महीने की मेहनत रंग लाती दिखने लगी है. इन सभी का बस एक मकसद कोरोना का हॉटस्पॉट बने धारावी को सामान्य स्थिति में लाना है. और धीमी ही सही लेकिन अब सफलता नजदीक आने लगी है.
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