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Covid-19: कोरोना संक्रमण का कितना असर? दीवाली के बाद सीरो सर्वे से पता लगाएगी BMC

लोगों में एंटीबॉडी के स्तर में गिरावट का आकलन करने करने के लिए सीरो सर्वे किए जाते हैं (सांकेतिक तस्वीर)

लोगों में एंटीबॉडी के स्तर में गिरावट का आकलन करने करने के लिए सीरो सर्वे किए जाते हैं (सांकेतिक तस्वीर)

Sero Survey: अगस्त 2021 में मुंबई में बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) द्वारा किए गए पांचवें सीरो सर्वे से पता चला था कि सर्वे में शामिल 8,674 लोगों में से 86.64 प्रतिशत में कोविड -19 के खिलाफ एंटीबॉडी हैं.

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    मुंबई. देश भर में करोना संक्रमण (Covid-19) की रफ्तार में भले ही कमी आई हो, लेकिन खतरा अभी टली नहीं है. एक्सपर्ट्स बार-बार तीसरी लहर की चेतावनी दे रहे हैं. खास कर त्योहारी सीज़न में सतर्क रहने की जरूरत है. इस बीच बीएमसी ने कहा है कि दीवाली के बाद वो एक और सीरो सर्वे (Sero Survey) कराएगी. इसका मकसद ये जानना है कि कोरोना संक्रमण का असर कितान हुआ है. जुलाई 2020 के बाद ये यहां छठा सीरो सर्वे होगा.

    इससे पहले इस साल अगस्त के महीने में यहां सीरो सर्वे हुआ था. सर्वे में पता चला था कि 86% लोगों में कोराना के खिलाफ एंटीबॉडीज़ बन गई है. बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त सुरेश काकानी ने अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, ‘हम और अधिक सर्वेक्षण करने की योजना बना रहे हैं. दिवाली के ठीक बाद एक और सर्वे करना अच्छा रहेगा. फिलहाल तारीख पर अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है.’

    सीरो सर्वे के पिछले नतीजे
    अगस्त 2021 में मुंबई में बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) द्वारा किए गए पांचवें सीरो सर्वे से पता चला था कि सर्वे में शामिल 8,674 लोगों में से 86.64 प्रतिशत में कोविड -19 के खिलाफ एंटीबॉडी हैं. ये इस साल मार्च में किए गए तीसरे सीरो-सर्वे से काफी अधिक था. मार्च में सर्वे में शामिल 36.3 प्रतिशत लोगों में कोविड -19 के खिलाफ एंटीबॉडी थे.

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    सीरो सर्वे का मकसद
    लोगों में एंटीबॉडी के स्तर में गिरावट का आकलन करने करने के लिए सीरो सर्वे किए जाते हैं. जुलाई 2020 में, पहले सीरो सर्वे के परिणामों से पता चला कि गैर-झुग्गी बस्तियों में सेरोप्रवलेंस 16 प्रतिशत था. अगस्त में, हालांकि, एक दूसरे सर्वे से पता चला कि गैर-झुग्गी बस्तियों के लिए सरोप्रवलेंस मामूली रूप से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गया. इस साल मार्च में गैर-झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में सरोप्रवलेंस 28.5 प्रतिशत था.

    बीएमसी ने वयस्क आबादी को टीका लगाने के लिए 31 अक्टूबर की समय सीमा निर्धारित की है. काकानी ने कहा, ‘अगला सीरो हमें एंटीबॉडी बनाने में टीकाकरण के प्रभाव का आकलन करने में मदद करेगा.’

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