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मुंबई के निजी अस्पतालों के लिए मुसीबत बनी कोरोना वैक्सीन, जानें क्या है वजह

अक्टूबर के आखिरी हफ्ते तक निजी क्षेत्र के पास  47 लाख वैक्सीन खुराक मौजूद थीं.  (AP Photo/Bikas Das)

अक्टूबर के आखिरी हफ्ते तक निजी क्षेत्र के पास 47 लाख वैक्सीन खुराक मौजूद थीं. (AP Photo/Bikas Das)

Covid Vaccines in Private Hospitals: अस्पताल में रोजाना टीकाकरण के लिए आने वाले लोगों की संख्या जो एक समय पर 1000 से भी ...अधिक पढ़ें

    मुंबई. देश में कोरोना टीकाकरण (Corona Vaccination का काम तेजी से जारी है. कोरोना वायरस से बचाव के लिए लोगों को जल्द से जल्द वैक्सीन की दोनों खुराक लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. ऐसे में खबर मिली है कि निजी स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के लिए कोरोना वैक्सीन की खुराकें परेशानी का सबब बन गई हैं. निजी अस्पताल वैक्सीन के थोक खरीदारों को 10-30 फीसदी डिस्काउंट पर वैक्सीन मुहैया करा रहे हैं. दरअसल निजी क्षेत्र ने वैक्सीन डोज का बड़ा स्टॉक खरीदकर रखा हुआ है. इसकी कीमत करोड़ों में है लेकिन लोगों के न आने के चलते अब यह स्टॉक फंस गया है. ऐसे में बड़े नुकसान से बचने के लिए थोक खरीदारों को छूट के साथ ये स्टॉक बेचा जा रहा है. इस बीच, कई अस्पतालों ने निर्माताओं से बिना बिके माल को वापस करने के लिए संपर्क किया है.

    टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई के अस्पतालों में फिलहाल 85 फीसदी से ज्यादा बिना बिकी खुराकें उपलब्ध हैं. ये उस स्थिति के एकदम उलट है जो मई-जून में थी जहां निजी क्षेत्र को मुश्किल ने वैक्सीन मिल पा रही थी. अक्टूबर के आखिरी हफ्ते तक निजी क्षेत्र के पास 47 लाख वैक्सीन खुराक मौजूद थीं. अक्टूबर में शहर में निजी क्षेत्र के टीकाकरण में गिरावट देखी गई है जहां 3 लाख से भी कम लोगों ने पेड वैक्सीन लगवाई है.

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    बताया जा रहा है कि मलाड के संजीवनी अस्पताल में कोविशील्ड की 44 लाख रुपये की 7,000 खुराक हैं जिन्हें फिलहाल कोई लेने वाला नहीं है. अस्पताल के निदेशक डॉ. सुनील अग्रवाल ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, “मैंने निर्माता और बीएमसी दोनों से संपर्क किया है, लेकिन कोई भी टीके लेने को तैयार नहीं है.” उन्होंने कहा कि हम इसे 30 प्रतिशत की छूट पर देने को तैयार हैं, यह खुराक के बर्बाद होने से कहीं बेहतर है. अस्पताल में रोजाना टीकाकरण के लिए आने वाले लोगों की संख्या जो एक समय पर 1000 से भी ज्यादा थी, अब 20-25 लोगों से भी कम हो गई है.

    पैसे देकर वैक्सीन लगवाने के लिए आगे नहीं आ रहे लोग
    इसी तरह मुंबई के ही पश्चिमी उपनगर के ऑस्कर अस्पताल में करीब 25,000 खुराकें उपलब्ध हैं. डॉ. पवार ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, “हमारे पास, कोविशील्ड, कोवैक्सिन और स्पूतनिक तीनों की ही खुराकें मौजूद हैं, लेकिन इन्हें यहां लगवाने के लिए बहुत ही कम लोग आगे आ रहे हैं.”

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    ऑस्कर की तरह ही कई अस्पताल, सरकार के बूस्टर शॉट को मंजूरी दिए जाने की उम्मीद कर रहे हैं जिससे कि इन खुराकों की खपत हो सके. उन्होंने कहा कि खुराक के बीच का अंतर कम किए जाने से भी वैक्सीन की मांग बढ़ सकती है. नगर निगम ने कहा था कि 84 दिनों के अंतराल को कम करने पर 22 लाख से अधिक लोग तुरंत टीकाकरण के लिए पात्र होंगे.

    राज्य के एक अधिकारी ने कहा कि निजी अस्पतालों ने सरकार को टीके की पेशकश की है. अधिकारी ने कहा, ‘लेकिन जब केंद्र से पर्याप्त आपूर्ति होती है तो हम निजी क्षेत्र से खरीदारी नहीं कर सकते.’ दिलचस्प बात यह है कि अधिक आपूर्ति के बावजूद किसी भी अस्पताल ने दरों में कटौती नहीं की है.

    Tags: Corona vaccination, Corona Vaccine in India, Covid Vaccination, Mumbai, Private Hospitals

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