Cyclone Tauktae: टाउते के कारण घरों में अंधेरा, नालासोपारा में दो दिन से बिजली की सप्लाई ठप

टाउते तूफान ने मचाई तबाही (प्रतीकात्मक तस्वीर: AP)

टाउते तूफान ने मचाई तबाही (प्रतीकात्मक तस्वीर: AP)

चक्रवाती तूफान टाउते (Cyclone Tauktae) के चलते महाराष्ट्र स्थित मुंबई से सटे कुछ इलाकों में बीते कई घंटों से बिजली की सप्लाई ठप है.

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मुंबई. चक्रवाती तूफान टाउते (Cyclone Tauktae) के चलते महाराष्ट्र स्थित मुंबई से सटे कुछ इलाकों में बीते कई घंटों से बिजली की सप्लाई ठप है. मिली जानकारी के अनुसार चक्रवात की वजह से नालासोपारा में बीते 2 दिनों से बिजली की सप्लाई नहीं है. इस बाबत राज्य सरकार ने निर्देश दिए हैं कि जल्द से जल्द बिजली की सप्लाई शुरू की जाए. राज्य में बिजली की सप्लाई रुकने से करीब 46 लाख लोगों पर असर पड़ा है. तेज हवा के चलते कई जगहों पर बिजली के खंभे भी टूट गए हैं.

इससे पहले मंगलवार को जानकारी दी गई थी कि महाराष्ट्र में कोंकण तट के पास से गुजरने के बाद सोमवार की रात दीव और ऊना के बीच सौराष्ट्र क्षेत्र में, गुजरात तट पर आए चक्रवाती तूफान 'ताउते' के कारण रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में 18.43 लाख उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई. मंगलवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई. इन दो जिलों के 3,665 गांवों के 52 प्रतिशत उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है, जबकि बाकी इलाकों में बिजली बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास जारी हैं.

सप्लाई बहाल करने के लिए कर रहे अथक प्रयास- राउत

बयान के अनुसार महाराष्ट्र के ऊर्जा मंत्री नितिन राउत ने कहा कि शेष उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए 13,172 कर्मचारी अथक प्रयास कर रहे हैं. रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, रायगढ़, ठाणे और पालघर जिलों के कुल 13,389 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.
महाराष्ट्र आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, रायगढ़ जिले में 8,383 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. रत्नागिरी और पालघर जिलों में क्रमशः 4,563 और 200 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. सिंधुदुर्ग और ठाणे में क्रमशः 190 और 53 व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया.

किनारों पर जमा हो गया कई टन कचरा

दूसरी ओर अधिकारियों ने बताया कि मुंबई में चक्रवात के प्रभाव की वजह से सोमवार को ऊंची लहरें उठ रही थीं और चौपाटी, मरीन ड्राइव और गेटवे ऑफ इंडिया पर कई टन कचरा जमा हो गया. तूफान की वजह से उठ रही ऊंची लहरों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए और इस तूफान ने कुछ महत्वपूर्ण ऐतिहासिक इमारतों को भी नुकसान पहुंचाया.



मुंबई की महापौर किशोरी पेडनेकर ने कहा कि महानगरपालिका के एहतियाती कदमों की वजह से बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में स्थापित कोविड-19 केंद्र को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है. यहां की कुछ लोहे की चादरें ही उड़ी हैं. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार माहिम और मढ़ जेट्टी में यहां अलग-अलग नौका दुर्घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई. वहीं वर्ली क्षेत्र में एक चाल में पेड़ गिरने से एक महिला घायल हो गई थी, जिसकी बाद में मौत हो गई.


बीएमसी ने बताया कि घर और दीवार गिरने की घटना में नौ लोग घायल हो गए जबकि एक व्यक्ति पेड़ गिरने से घायल हो गया. बीएमसी को पेड़ गिरने संबंधी 2,364 शिकायतें, जल भराव संबंधी 56 शिकायतें और घर या दीवार गिरने की 43 शिकायतें और शॉर्ट सर्किट की 39 तथा दो नौका दुर्घटना की शिकायतें मिली हैं. ठाणे और पालघर जिले में चक्रवात से संबंधित अलग-अलग घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई. अधिकारियों ने बताया कि दो लोगों की मौत वसई तालुक़ा जबकि तीन की मौत ठाणे जिले में हुई.

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