Cyclone Tauktae: खस्ता हालत में था टगबोट वरप्रदा, कैप्टन के कारण समुद्र में डूबना तय था-चीफ इंजीनियर

टाउते (Cyclone Tauktae) के कारण मुंबई में टगबोट वरप्रदा (Tugboat Varaprada) हादसे का शिकार हो गया था.

टाउते (Cyclone Tauktae) के कारण मुंबई में टगबोट वरप्रदा (Tugboat Varaprada) हादसे का शिकार हो गया था.

Cyclone Tauktae: टगबोट वरप्रदा के चीफ इंजीनियर फ्रांसिस के. सिमोन कहते हैं, 'मैंने डीजी शिपिंग अधिकारियों से कहा कि टगबोट समुद्र के लिए फिट नहीं है. इस शिप का समुद्र में डूबना किसी तूफान की वजह से नहीं, बल्कि एक मानव निर्मित आपदा है.'

  • Share this:

मुंबई. बीते दिनों चक्रवाती तूफान टाउते (Cyclone Tauktae) के कारण मुंबई में टगबोट वरप्रदा (Tugboat Varaprada) हादसे का शिकार हो गया था. समुद्र तट से 35 किमी दूर टगबोट वरप्रदा का मलबा मिला है. इस पर 13 लोग सवार थे. इनमें दो लोगों को बचाया जा चुका है, जबकि 11 के शव मिले हैं. इस टगबोट के चीफ इंजीनियर फ्रांसिस के. सिमोन ने बताया कि ये शिप बेहद खराब हालत में था और नौकायन के लिए उपयुक्त नहीं था.

फ्रांसिस के सिमोन उन दो लोगों में शामिल हैं, जो इस हादसे में बच गए हैं. उन्होंने दावा किया कि शिप खस्ताहाल था. इसके बावजूद कैप्टन और कंपनी ने जोखिम लिया और चक्रवात ताउते को कम करके आंका, जिसका नतीजा सबके सामने है. शिप में सवार 11 लोगों की जान जा चुकी है. बता दें कि चक्रवात ताउते के दौरान बार्ज पी-305 के डूब जाने की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है. इस पर कुल 261 लोग मौजूद थे, जिसमें से 186 लोगों को बचाया गया है.

Cyclone Yaas Live Updates: गंभीर चक्रवाती तूफान में बदला यास, ओडिशा में भारी बारिश, भूस्खलन की आशंका

अंग्रेजी वेबसाइट इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए सिमोन कहते हैं, 'वरप्रदा का रखरखाव खराब था.मैंने डीजी शिपिंग अधिकारियों से कहा कि टगबोट समुद्र के लिए फिट नहीं है. मैंने उनसे पूछा कि इसे नौकायन का लाइसेंस कैसे दिया गया? इस शिप का समुद्र में डूबना किसी तूफान की वजह से नहीं, बल्कि एक मानव निर्मित आपदा है. मैंने चालक दल को मरते देखा. उनके परिवार के लोग रो रहे हैं और लाशों के बारे में पूछ रहे हैं.' सिमोन ने इस घटना को लेकर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो.

चीफ इंजीनियर सिमोन ने कहा, 'पानी धीरे-धीरे इंजन रूम में भर गया और दोपहर तक मैंने कैप्टन नागेंद्र कुमार से कहा कि स्थिति नियंत्रण से बाहर है. मैंने कैप्टन से कंपनी, भारतीय तटरक्षक और नौसेना जैसे अन्य अधिकारियों को सूचित करने का अनुरोध किया था. कैप्टन कुमार ने करीब शाम 5 बजे या 5.30 बजे मैरीटाइम रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर को इमरजेंसी कॉल भेजी. मेरा मानना ​​​​है कि संकट कॉल भेजने में उनकी ओर से देरी हुई थी.' उन्होंने आगे कहा- 'वरप्रदा की कंपनी ग्लॉरी ने सभी सुरक्षा के नियमों की अनदेखी की थी.' वरप्रदा के कैप्टन 62 वर्षीय नागेंद्र कुमार, दूसरे इंजीनियर उम्मेद सिंह की लाश गुजरात के वलसाड में समुद्र तट पर मिली है. सिमोन ने उनकी शिनाख्त की.

नौसेना के प्रवक्ता ने बताया, '17 मई को कुल 274 चालक दल के लापता होने की सूचना मिली थी. इसमें बार्ज P305 से 261 और वरप्रदा से 13 मेंबर शामिल थे. 70 शव समुद्र में मिले, जिसे नेवी ने निकाला है. 8 शव अलीबाग के समुद्र किनारे मिले. वहीं 8 शव वलसाड के समुद्र किनारे मिले. यानी कुल 86 लोगों की मौत हुई है.'

Cyclone Yaas: यास हुआ खतरनाक, 24 घंटे में आंध्र-ओडिशा और बंगाल में तूफान मचा सकता है तबाही



बार्ज पी-305 चक्रवाती तूफान ‘ताउते’ के कारण मुंबई के तट से कुछ दूरी पर सागर में फंस गया था और फिर डूब गया था. वहीं गाल कंस्ट्रक्टर एंड सपोर्ट स्टेशन 3 (एसएस-3) और ड्रिल पोत सागर भूषण पर मौजूद सभी 440 लोगों को बचा लिया गया. एक अधिकारी ने बताया कि मुंबई पुलिस इसकी जांच करेगी कि चक्रवात टाउते के बारे में चेतावनी जारी करने के बावजूद बार्ज उस क्षेत्र में क्यों रुका रहा? (PTI इनपुट के साथ)

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज