लाइव टीवी

BMC ने बॉम्बे हाईकोर्ट में कहा : शवों से नहीं होता कोविड-19 का संक्रमण
Maharashtra News in Hindi

भाषा
Updated: May 19, 2020, 10:35 PM IST
BMC ने बॉम्बे हाईकोर्ट में कहा : शवों से नहीं होता कोविड-19 का संक्रमण
बांद्रा के लोगों ने अपनी याचिका में बांद्रा कब्रिस्तान में कोविड-19 पीड़ितों के शवों को दफनाने पर रोक लगाने की मांग की थी.

हलफनामे में कहा गया है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित मृत शरीर के सुरक्षित निपटान के लिए संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण से संबंधित दिशानिर्देश जारी किए हैं.

  • Share this:
मुंबई. बृहन्मुंबई नगर निगम (Brihanmumbai Municipal Corporation) ने मंगलवार को बम्बई उच्च न्यायालय (Bombay Highcourt) में कहा कि शवों के माध्यम से कोरोना वायरस (Coronavirus) का संक्रमण नहीं फैलता और अधिकारी कोविड-19 (Covid-19) से जान गंवाने वालों के शवों का निपटान करते समय , सभी निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन कर रहे हैं. उप नगर बांद्रा (Bandra) के लोगों के एक समूह की ओर से दायर याचिका पर जवाब देते हुये बीएमसी (BMC) ने अदालत में हलफनामा दायर किया. बांद्रा के लोगों ने अपनी याचिका में बांद्रा कब्रिस्तान में कोविड-19 पीड़ितों के शवों को दफनाने पर रोक लगाने की मांग की थी.

यह याचिका प्रदीप गांधी और अन्य ने दायर की और दावा किया कि लोगों को इस बात का भय है कि अगर शवों का उचित तरीके से निस्तारण नहीं किया गया तो वायरस का सामुदायिक प्रसार हो सकता है.

बुधवार को होगी मामले की सुनवाई
हलफनामा दायर करने वाले बीएमसी के सहायक चिकित्सा अधिकारी दीपक चह्वाण ने बताया, 'शवों से कोविड—19 के संक्रमण का प्रसार नहीं होता है.' यह हलफनामा मंगलवार को अदालत की एक पीठ के समक्ष दायर किया गया. इस पीठ की अगुवाई न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता कर रहे थे. पीठ इस मामले में अब बुधवार को सुनवाई करेगी.



हलफनामे में कहा गया है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने कोरोना वायरस से संक्रमित मृत शरीर के सुरक्षित निपटान के लिए संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण से संबंधित दिशानिर्देश जारी किए हैं.



आमतौर पर संक्रामक नहीं होते मृत शरीर
इसमें कहा गया है, 'दिशानिर्देश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इबोला वायरस (Ebola Virus) और हैजा जैसे, रक्तस्रावी बुखार के मामलों को छोड़कर, आमतौर पर मृत शरीर संक्रामक नहीं होते हैं. इन्फ्लूएंजा महामारी से प्रभावित रोगियों के केवल फेफड़ों से संक्रमण फैल सकता है अगर शव परीक्षा के दौरान इससे सही तरीके से निपटा न जाये .' इसमें यह भी कहा गया है कि आज तक इस बात का कोई साक्ष्य नहीं है कि कोई व्यक्ति किसी शव के कारण कोरोना वायरस से संक्रमित हुआ हो और इसलिये याचिकाकर्ताओं की ओर से जो मसला उठाया गया है, उसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है और यह पूरी तरह से गलत, त्रुटिपूर्ण एवं आधारहीन है.

ये भी पढ़ें-
महाराष्ट्र में कोरोना के 2100 नए केस, संक्रमितों की संख्या 37 हजार के पार

शरद पवार ने की उद्धव ठाकरे के साथ बैठक, अर्थव्यवस्था की बहाली के तरीके सुझाए

First published: May 19, 2020, 10:35 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading