अतुलनीय बलिदान के कारण अवश्य करें सावरकर का सम्मान: देवेंद्र फडणवीस

News18Hindi
Updated: August 23, 2019, 8:52 PM IST
अतुलनीय बलिदान के कारण अवश्य करें सावरकर का सम्मान: देवेंद्र फडणवीस
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि वीर सावरकर का सम्मान करना चाहिए. (फाइल फोटो)

स्वतंत्रता संग्राम में वीर सावरकर (Veer Savarkar) के परिवार का बलिदान अतुलनीय था और उनका सम्मान अवश्य किया जाना चाहिए. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के धुले में यह बात कही.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 23, 2019, 8:52 PM IST
  • Share this:
स्वतंत्रता संग्राम में वीर सावरकर (Veer Savarkar) के परिवार का बलिदान अतुलनीय था और उनका सम्मान अवश्य किया जाना चाहिए. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के धुले में यह बात कही. कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने इससे पहले कहा था कि उसने दिल्ली विश्वविद्यालय में वीर सावरकर की प्रतिमा पर कालिख पोत दी है. इसके एक दिन बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह टिप्पणी की है.

कई क्रांतिकारियों के गुरु थे सावरकर
फडणवीस ने यहां संवाददाताओं से कहा कि मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा नहीं करनी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘‘स्वातंत्र्यवीर सावरकर कई क्रांतिकारियों के गुरु थे. सावरकर के परिवार ने देश के लिए जो कुर्बानियां दी हैं वे अतुलनीय हैं. इसलिए मेरा मानना है कि उनका सम्मान किया जाना चाहिए.’’ मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा, ‘‘लेकिन अगर कहीं कुछ हुआ है तो कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए. यह मेरा विचार है कि किसी को भी इस तरह से भड़काना या व्यवहार करना नहीं चाहिए जिससे कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हो.’’

जो सावरकर को नहीं मानते उन्हें सार्वजनिक रूप से पीटा जाए

फडणवीस से पहले शिवसेना (Shiv Sena) प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने सनसनीखेज बयान दिया है. उन्होंने कहा है, “जिन लोगों को वीर सावरकर पर विश्वास नहीं है, उन्हें सार्वजनिक रूप से पीटना चाहिए, क्योंकि उन्हें भारत की स्वतंत्रता में वीर सावरकर के संघर्ष और महत्व का अहसास नहीं है. यहां तक कि राहुल गांधी ने भी अतीत में वीर सावरकर का अपमान किया है.” राजनीतिक हलकों में आशंका जताई जा रही है कि उनके इस बयान पर जमकर विवाद होगा. इस बयान की वजह दिल्ली विश्वविद्यालय में गुरुवार को विनायक दामोदर सावरकर की प्रतिमा पर एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं द्वारा कालिख पोतना है.

उद्धव ठाकरे के बयान का स्क्रीन शॉट.


एनएसयूआई ने पोती सावरकर की प्रतिमा पर कालिख
Loading...

गुरुवार को दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय (Delhi University) में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता एक बार फिर आमने-सामने आ गए. डीयू (DU) की आर्ट फैकल्‍टी में एक दिन पहले ही लगाई गई विनायक दामोदर सावरकर (Vinayak Damodar Savarkar) की प्रतिमा पर न केवल कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने कालिख पोती, बल्कि जूतों की माला भी पहनाई.



छात्रसंघ अध्यक्ष ने लगवाई थीं भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस और वीर सावरकर की प्रतिमाएं
बताया जा रहा है कि वाम दल की छात्र इकाई ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने भी एनएसयूआई का साथ दिया है. इससे डीयू में छात्रों के बीच आपसी टकराव की स्थिति पैदा हो गई है. गौरतलब है कि डीयू छात्रसंघ के अध्‍यक्ष शक्ति सिंह (एबीवीपी) ने शहीद भगत सिंह (Bhagat Singh) के साथ ही सुभाष चंद्र बोस (Subhash chandra Bose) और वीर सावरकर की प्रतिमाएं लगवाई थीं. एनएसयूआई के कार्यकर्ता लगातार इसका विरोध कर रहे थे. इस पर एनएसयूआई का कहना था कि एबीवीपी ने दोनों स्‍वतंत्रता सेनानियों के साथ सावरकर की प्रतिमा लगाकर इनका अपमान किया है. छात्रों का कहना था कि सावरकर का स्‍वतंत्रता संग्राम में कोई योगदान नहीं था. वह देशभक्‍त नहीं देशद्रोही थे. इसी के चलते प्रतिमा पर स्‍याही पोती गई.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए महाराष्ट्र से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 23, 2019, 7:36 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...