महाराष्ट्र में 8 महीने बाद आज से खुल गए सभी धार्मिक स्थल, सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन के लिए ये हैं नियम

 हर घंटे 100 भक्तों को बप्पा के दर्शन की अनुमति दी जा रही है. (PTI)
हर घंटे 100 भक्तों को बप्पा के दर्शन की अनुमति दी जा रही है. (PTI)

कोरोना महामारी (Covid-19 Pandemic) के कारण 24 मार्च से धार्मिक स्थल बंद थे. करीब 8 महीने बाद दोबारा खुलने पर सुबह से ही मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 17, 2020, 10:17 PM IST
  • Share this:
मुंबई. महाराष्ट्र सरकार (Government of Maharashtra) की इजाजत के बाद राज्य के सभी धार्मिक स्थल (Religious places) सोमवार से खुल गए हैं. कोरोना महामारी के कारण धार्मिक स्थल 24 मार्च से बंद थे. करीब 8 महीने बाद दोबारा खुलने पर सुबह से ही मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई. मुंबई स्थित श्री सिद्धिविनायक मंदिर (Siddhivinayak Temple) के दोबारा खुलने के बाद श्रद्धालु सुबह 4 बजे से ही दर्शन के लिए लाइन लगाकर इंतजार करते रहे. हालांकि, श्रद्धालुओं को प्रसाद चढ़ाने की परमिशन नहीं दी गई है.

मंदिर ट्रस्ट के आध्यक्ष आदेश बांदेकर ने कहा कि हर घंटे 100 भक्तों को बप्पा के दर्शन की अनुमति दी जा रही है. इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का खास ख्याल रखा जा रहा है. हर एक घंटे में सैनिटाइजेशन का काम भी हो रहा है. प्रतिदिन सिर्फ 1 हजार भक्त ही सिद्धिविनायक मंदिर में प्रवेश कर पाएंगे.

‘क्यूआर’ कोड से होंगे बप्पा के दर्शन
श्री सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के आध्यक्ष आदेश बांदेकर ने कहा, 'एक मोबाइल ऐप विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से सोमवार से श्रद्धालु दर्शन के लिए समय बुक कर सकते हैं. दर्शन करने के लिए भक्तों को अपने मोबाइल फोन पर ‘श्री सिद्धिविनायक मंदिर’ ऐप डाउनलोड करना होगा. उन्हें ब्योरा भरना होगा और समय बुक करना होगा, जिसके बाद निर्धारित समय के साथ ‘क्यूआर कोड’ का सृजन होगा. दिन भर में एक हजार लोगों के लिए ‘क्यूआर’ कोड का सृजन किया जाएगा.




लॉकडाउन में स्कूल छोड़ने को मजबूर इस लड़के की मदद के लिए आगे आए हजारों हाथ

मास्क लगे श्रद्धालुओं के लिए ही खुल रहे हैं बैरियर
मंदिर ट्रस्ट के मुताबिक, 'बैरियर तभी खोला जाएगा जब श्रद्धालु के शरीर का तापमान सामान्य होगा और वह मास्क पहने होगा. आरती और पूजा को छोड़कर हर घंटे 100 लोगों को अंदर जाने की अनुमति दी जाएगी.
क्या है दिशानिर्देशसरकार द्वारा जारी गाइडलाइन्स के अनुसार, श्रद्धालुओं को मंदिरों में मास्क पहनकर ही जाने की अनुमति दी जाएगी. इसके साथ ही सभी को सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन्स का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा. इसके अलावा, मंदिरों में जाने वाले श्रद्धालुओं के बीच की दूरी कम-से-कम छह फीट होनी चाहिए. 65 साल से ज्यादा उम्र के व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं, दस साल से कम उम्र के बच्चे और वैसे व्यक्ति जिनको कोई अन्य बीमारी हो, उन्हें घर पर ही रहने को कहा गया है. इसके साथ ही सैनिटाइज़र का भी इस्तेमाल करना अनिवार्य है. अगर सैनिटाइज़र ना हो तो साबुन या हैंडवॉश से भी हाथ धोने को कहा गया है.


धार्मिक स्थलों के लिए भी गाइडलाइन
सरकार ने धार्मिक स्थलों के लिए आवश्यक गाइडलाइन्स जारी किए हैं. इसके तहत गेट पर हैंड सैनिटाइजर और स्क्रीनिंग की व्यवस्था, किसी भी व्यक्ति को मंदिर परिसर में बिना मास्क पहने घुसने नहीं दिया जाना, लोगों को मास्क पहनकर रहने और समय-समय पर हाथ धोते रहने के लिए जागरूक करना, श्रद्धालुओं के मंदिर परिसर में आने से पहले अपने जूते-चप्पलों को बाहर छोड़कर आने जैसे गाइडलाइन्स शामिल हैं. गाइडलाइन्स का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

बता दें कि कोरोना वायरस महामारी से बचाव के मद्देनजर बंद मंदिर के कपाट को वापस खुलवाने को लेकर महाराष्ट्र में विरोध बढ़ता जा रहा था. जनता से लेकर आम आदमी तक हर कोई महाराष्ट्र सरकार को सवालों के घेरे में लेते हुए जल्द से जल्द मंदिर खोलने की मांग कर रहा था. एक महीने पहले मुंबई में सिद्धिविनायक मंदिर, शिरडी में साईं बाबा मंदिर और पुणे में तांबड़ी जोगेश्वरी मंदिर के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं ने अनशन किया था.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज