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कोरोना को मात देने वाले महाराष्ट्र के मंत्री बोले- डॉक्टरों ने कहा था मेरे बचने की उम्मीद सिर्फ 30 परसेंट
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News18Hindi
Updated: May 19, 2020, 1:18 PM IST
कोरोना को मात देने वाले महाराष्ट्र के मंत्री बोले- डॉक्टरों ने कहा था मेरे बचने की उम्मीद सिर्फ 30 परसेंट
महाराष्‍ट्र के आवास मंत्री हैं जितेंद्र.

जितेंद्र आव्हाड (Jitendra Awhad) ने 13 अप्रैल को खुद को एहतियात के तौर पर क्वारंटीन कर लिया था. वे 19 अप्रैल को एक निजी अस्पताल में भर्ती हो गए थे.

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मुंबई.  महाराष्ट्र के आवास मंत्री जितेंद्र आव्हाड (Jitendra Awhad) पिछले दिनों कोरोना वायस (Coronavirus) से संक्रमित हो गए थे. अब वो ठीक हो कर घर लौट गए हैं. हॉस्पिटल से वापस आने के बाद आव्हाड ने कहा कि डॉक्टरों और नर्सों की मेहनत से ही कोरोना को वो मात देने में कामयाब रहे. उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते उनकी हालत गंभीर हो गई थी और डॉक्टरों ने कहा था कि उनके बचने की उम्मीदें लगभग न के बराबर थी.

'बचने की नहीं थी उम्मीद'
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत करते हुए जितेंद्र आव्हाड ने कहा, 'मैं 3 दिनों तक वेंटिलेटर पर था. डॉक्टरों ने मेरी बेटी नताशा को बुलाकर कहा कि मेरे बचने के सिर्फ 30 परसेंट चांस थे. बेटी को ये भी कहा कि वो अब सिर्फ भगवान से प्रार्थना करें. डॉक्टरों और नर्सों ने मेरी अच्छी देखभाल और मेरा हौसला बढ़ाया. इसी के चलते मैं आज ठीक हूं.'

3 दिनों तक वेंटिलेटर पर थे



आव्हाड मुम्ब्रा-कौसा क्षेत्र से विधायक हैं. उनके कुछ सुरक्षा कर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे जिसके बाद उन्होंने 13 अप्रैल को खुद को एहतियात के तौर पर क्वारंटीन कर लिया था. वे 19 अप्रैल को एक निजी अस्पताल में भर्ती हो गए थे. इसके कुछ दिनों के बाद उनके संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी. 22 अप्रैल से 10 मई के बीच उन्हें कई बार आईसीयू में रखा गया. इसके अलावा आखिरी तीन दिनों तक तो उन्हें वेंटिलेंटर पर रहना पड़ा था.



'हर पल मैंने जीवन और मौत के बारे में सोचता था'
आव्हाड पहले से ही हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के मरीज थे. उन्हें 10 मई को अस्पताल से छुट्टी मिली. उन्होंने कहा ‘बहुत ही ज्यादा आत्मविश्वास की वजह से मैं कोरोना वायरस से संक्रमित हुआ. 23 अप्रैल से 26 अप्रैल की अवधि मेरे जीवन के लिए काफी महत्वपूर्ण था. मेरे परिवार को बता दिया गया था कि मेरे बचने की कम ही संभावना है. मैं अपनी जान के लिए काफी चिंतित था. हर क्षण मैंने जीवन और मौत के बारे में सोच कर गुजारा .’

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First published: May 19, 2020, 12:14 PM IST
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