महाराष्ट्र: बीजेपी-शिवसेना के बीच तकरार जारी, राउत बोले-विकल्प ढूंढने पर मजबूर न करें

संजय राउत ने कहा है कि अगर कोई राज्य में सरकार गठित नहीं कर पाता है तब हम अपनी अगली रणनीति बताएंगे. (फाइल फोटो)

संजय राउत ने कहा है कि अगर कोई राज्य में सरकार गठित नहीं कर पाता है तब हम अपनी अगली रणनीति बताएंगे. (फाइल फोटो)

राज्य की 288 सदस्यीय विधानसभा के लिए 21 अक्टूबर को हुए विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी या गठबंधन को बहुमत नहीं मिला है. राजग के घटक दलों में से भाजपा 105 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और शिवसेना को 56 सीट मिली हैं.

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मुंबई. महाराष्ट्र में किसकी सरकार बनेगी इसको लेकर फिलहाल तस्वीर साफ नहीं है. इस बीच शिवसेना नेता संजय राउत (Shiv Sena Leader Sanjay Raut ) ने बीजेपी से कहा कि वह उनकी पार्टी को महाराष्ट्र (Maharastra) में अगली सरकार के गठन के लिए विकल्प ढूंढ़ने पर विवश न करे. उन्होंने साथ ही ये भी कहा कि राजनीति में कोई ‘संत’ नहीं होता है.

'राजनीति में कोई संत नहीं'

राउत ने एक समाचार चैनल के साथ बातचीत में कहा, ‘हम गठबंधन (भाजपा के साथ) में विश्वास करते हैं. लेकिन भाजपा को हमें सरकार गठन के लिए अन्य विकल्प ढूंढ़ने को विवश नहीं करना चाहिए.’उन्होंने ये भी कहा, ‘राजनीति में कोई संत नहीं होता.’

राउत की ये बात वरिष्ठ सहयोगी भाजपा को ये संकेत है कि उससे परे सरकार गठन शिवसेना के लिए पूरी तरह असंभव नहीं है. उन्होंने दावा किया कि दोनों दल सत्ता में ‘बराबर भागीदारी’ पर सहमत हुए थे और इस संबंध में मुंबई में घोषणा भी की गई थी. राउत ने कहा कि सरकार गठन को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच अभी तक कोई चर्चा नहीं हुई है.
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि अगर भाजपा खुद अपने दम पर बहुमत जुटा लेती है तो वह इसका स्वागत करेंगे. राउत संसद में शिवसेना के मुख्य सचेतक और पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के कार्यकारी संपादक हैं.



क्या है विधानसभा की तस्वीर

बता दें कि कि राज्य की 288 सदस्यीय विधानसभा के लिए 21 अक्टूबर को हुए विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी या गठबंधन को बहुमत नहीं मिला है. राजग के घटक दलों में से भाजपा 105 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और शिवसेना को 56 सीट मिली हैं. इन दोनों दलों के बीच सत्ता में साझेदारी को लेकर तकरार बढ़ती जा रही है. शिवसेना चाहती है कि दोनों ही दलों को बारी-बारी से मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी मिले.

कांग्रेस का दावा

24 अक्टूबर को चुनाव परिणाम की घोषणा के बाद से ही कांग्रेस-राकांपा गठबंधन के तबकों की ओर से ऐसे संकेत मिलते रहे हैं कि राज्य में भाजपा से परे सरकार गठन का शिवसेना का कदम हकीकत में बदल सकता है. हालांकि, कांग्रेस-राकांपा की ओर से इस बारे में औपचारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है.

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