सूखाग्रस्त बीड में अस्थि विसर्जन के लिए नदियों में टैंकर से पानी बहा रहे लोग

महाराष्ट्र के बीड जिले में भीषण सूखा, यहां मौजूद गोदावरी नदी बिल्कुल सूख चुकी है. ऐसे में किसी व्यक्ति की मौत हो जाने पर उसका अंतिम संस्कार करना भी बड़ी समस्या हो गई है.

News18Hindi
Updated: July 24, 2019, 10:46 AM IST
सूखाग्रस्त बीड में अस्थि विसर्जन के लिए नदियों में टैंकर से पानी बहा रहे लोग
ग्रामीणों ने बताया कि टैंकर से पानी मंगवाना भी आसान नहीं है. पहले तो पानी की कमी के चलते टैंकर आसानी से मिलते नहीं हैं. वहीं यदि टैंकर मिल भी जाता है तो यह 500 से 700 रुपये की कीमत इसके लिए चुकानी पड़ती है. (प्रतीकात्मक फोटो)
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Updated: July 24, 2019, 10:46 AM IST
एक ही राज्य में दो तरह के हाल, एक तरफ मुंबई में लोग बारिश से परेशान हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बीड जिले का हाल ऐसा है कि यहां पर लोग एक-एक बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं. पीने के पानी को तरस रहे लोगों के हालात इतने खराब हो गए हैं कि लोगों की अंतिम संस्कार में भी अब परेशानी आने लगी है. वहीं बारिश की आस लगाए बैठे स्‍थानीय लोगों को लिए मौसम विभाग ने फिर बुरी खबर दी है. विभाग के अनुसार 17 जुलाई तक जिले में 40 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई और बताया गया है कि सूखे का दौर आगे भी जारी रह सकता है.

टैंकर मंगा कर होता है अस्थि विसर्जन
बीड में भीषण सूखे के चलते अब यहां मौजूद गोदावरी नदी बिल्कुल सूख चुकी है. ऐसे में किसी व्यक्ति की मौत हो जाने पर उसका अंतिम संस्कार करना भी बड़ी समस्या हो गई है. लाइव हिंदुस्तान की एक रिपोर्ट के अनुसार अब ग्रामीण ‌अस्थियों के विसर्जन के लिए पानी का टैंकर मंगवाते हैं. इस दौरान टैंकर का पानी नदी में छोड़ कर अस्थियों का विसर्जन किया जाता है. अभी तक लोग गोदावरी नदी के किनारे रक्षाभवन में करते आए हैं, लेकिन अब यहां पर पानी की समस्या गहरा गई है. ऐसे में लोग या तो टैंकर मंगवाने को मजबूर हैं या फिर अंतिम संस्कार और पावन स्‍नान के लिए 90 किलोमीटर दूर पड़ोसी जिले औरंगाबाद के पैठण जाना पड़ता है.

500 रुपये का एक टैंकर

ग्रामीणों ने बताया कि टैंकर से पानी मंगवाना भी आसान नहीं है. पहले तो पानी की कमी के चलते टैंकर आसानी से मिलते नहीं हैं. वहीं अगर टैंकर मिल भी जाता है तो यह 500 से 700 रुपये की कीमत इसके लिए चुकानी पड़ती है. ऐसे में हर कोई आसानी से टैंकर मंगवा भी नहीं सकता है. खासकर गरीब लोगों के सामने तो पीने के पानी की भी बड़ी समस्या खड़ी हो गई है.

44 प्रतिशत कम बारिश
मौसम विभाग के अनुसार पूरे मराठवाड़ा में ही मानसून आने के बाद से अब तक 44 प्रतिशत कम बारिश हुई है. मौसम विभाग के अनुसार आने वाले हालात को देखकर यह लगता है कि बीड और आसपास के जिलों में भीषण सूखा पड़ सकता है.
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First published: July 24, 2019, 10:14 AM IST
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