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दशहरा रैली में उद्धव ठाकरे के आरोपों पर एकनाथ शिंदे का पलटवार, कहा- आप हो असली गद्दार, हमारा विद्रोह 1857 जैसा

एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे को सत्ता हासिल करने के लिए लाचार बताते हुए उन्हें असली गद्दार करार दिया. (फोटो- Twitter@EknathShinde)

एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे को सत्ता हासिल करने के लिए लाचार बताते हुए उन्हें असली गद्दार करार दिया. (फोटो- Twitter@EknathShinde)

दशहरा रैली में एकनाथ शिंदे ने अपनी बगावत की तुलना 1857 के विद्रोह से करते हुए कहा, 'आपको कुछ नहीं बस मुख्यमंत्री के तौर ...अधिक पढ़ें

मुंबई. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपनी दशहरा रैली में पार्टी नेता और राज्य के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने ठाकरे को सत्ता हासिल करने के लिए लाचार बताते हुए उन्हें असली गद्दार कहा. वहीं अपनी बगावत की तुलना 1857 में हुए विद्रोह से कर डाली. इससे पहले उद्धव ठाकरे ने भी अपनी दशहरा रैली में शिंदे गुट को गद्दार करार देते हुए उनकी तुलना रावण से की थी. ऐसे में शिंदे के इस कथन को पलटवार के रूप में देखा जा रहा है.

मुंबई के एमएमआरडीए मैदान में अपनी अलग दशहरा रैली को संबोधित करते हुए एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे का नाम लिए बगैर कहा, ‘आप सत्ता के लिए लाचार हो गए. बालासाहब की भूमिका गलत थी ऐसा कहते वक्त आपको कुछ भी नहीं लगा. याकूब मेनन की फांसी का विरोध करने वाले विधायक को आप मंत्री बनाते हैं.’

बालासाहेब की समाधी पर जाकर माफी मांगे उद्धव
इसके साथ ही उन्होंने उद्धव ठाकरे पर प्रहार करते हुए कहा, ‘असली गद्दार कौन है? असली गद्दार आप हो… इसलिए जनता ने फैसला किया है कि गद्दारों का साथ देना है या बालासाहेब के विचारों के वारिस का… आप ने जो पाप किया है, उसके लिए पहले बालासाहेब की समाधी पर जाकर माफी मांगिए.’

‘क्या ऑटोवाला नहीं बन सकता सीएम’
एकनाथ शिंदे ने इसके साथ ही शिवसेना पर अपनी दावेदारी ठोंकते हुए कहा, ‘क्या ऑटोवाला, टपरिवाला, दुकानवाला मुख्यमंत्री नहीं बन सकता. क्या मुंह में चांदी का चम्मच लेकर पैदा होने वाला जागीरदार ही मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री बनेगा क्या… मोदी जी को देख लो…’

इसके साथ ही उन्होंने उद्धव ठाकरे को एक तरह से नसीहत देते हुए कहा, ‘एक बात याद रखो जब आप अति करते हो तो फिर अकेले पड़ते हो… कांग्रेस को देखो उनके पास पार्टी है अध्यक्ष नहीं और इधर देखो यहां अध्यक्ष है, पार्टी नहीं…’

‘1857 की तरह ही विद्रोह किया’
दशहरा रैली में एकनाथ शिंदे ने अपनी बगावत की तुलना 1857 के विद्रोह से करते हुए कहा, ‘आपको कुछ नहीं बस मुख्यमंत्री के तौर पर 5 साल पूरा करना था… इस दौरान शिवसेना की दूर्दशा होती रही… आखिर में हमने यह फैसला लिया. आपको क्या लगता है कि हमें दुख नहीं हुआ… दुख हुआ लेकिन जरूरी था कि वह इस विपत्ति से बाहर निकले. देश की आजादी के लिए जिस तरह 1857 में विद्रोह हुआ था वैसा ही विरोध हमने भी किया.’

Tags: Eknath Shinde, Mumbai News, Shiv Sena MLA

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