खुलासा: फर्जी कंपनी बनाकर 606 से अधिक किसानों से की 2 करोड़ से ज्यादा की ठगी

ठाणे क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फर्जी कंपनी तैयारकर बेलगाम और महाराष्ट्र के 606 से ज्यादा किसानों से 33 टन काजू की ठगी कर उन्हें एक्सपोर्ट करने की तैयारी में था.

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Updated: July 29, 2019, 9:00 PM IST
खुलासा: फर्जी कंपनी बनाकर 606 से अधिक किसानों से की 2 करोड़ से ज्यादा की ठगी
फर्जी कंपनी बनाकर 606 से अधिक किसानों से की 2.20 करोड़ की ठगी. (फाइल फोटो)
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Updated: July 29, 2019, 9:00 PM IST
ठाणे क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फर्जी कंपनी तैयार कर बेलगाम और महाराष्ट्र के 606 से भी ज्यादा किसानों से 33 टन काजू की ठगी कर उन्हें एक्सपोर्ट करने की तैयारी में थे. इतनी बड़ी मात्रा की काजू की कीमत 2 करोड़ 20 लाख है. इस कारोबार की कड़ियां फर्जी कम्पनी, नामी व्यापरियों और ब्लैक मार्केट के दलालों से जुड़ी हैं. ठगी का यह गिरोह कारपोरेट सिस्टम के तहत चलाया जा रहा था.

इधर जांच में जुटी ठाणे क्राइम ब्रांच की टीम को इन ठगों का सुराग मिल गया. इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने तुषार वल्लादास और नारायणलाल माली को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन 2 करोड़ 20 लाख का 33 टन काजू अभी भी बरामद नहीं हुआ है. पूछताछ में इन आरोपियों ने क्राइम ब्रांच के सामने गुजरात के दो और ठग व्यापारियों के नाम बताए जिन्होंने पकड़े गए ठगों से 33 टन काजू ब्लैक में खरीदने के बदले 4 करोड़ रुपए दिए थे.

क्राइम ब्रांच को अभी भी नहीं मिले हैं पूरे 33 टन काजू
इसके बाद ठाणे क्राइम ब्रांच ने सुमित वासवानी और दीपक पटेल नाम के इन दो व्यापरियों को अहमदाबाद से धर दबोचा, लेकिन क्राइम ब्रांच को अभी भी पूरे 33 टन काजू नहीं मिले हैं. पूछताछ में खुलासा हुआ है कि करोड़ों रुपए के इन काजुओं को 10 व्यापारियों को बेचा गया है और फर्जी बिल देकर इन्हें विदेश में एक्सपोर्ट की तैयारी थी. इसके आरोप में 5 अन्य व्यापरियों को भी ठाणे क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर काजू की बड़ी मात्रा को जब्त किया है.

महाराष्ट्र पुलिस का लोगो


महाराष्ट्र और कर्नाटक के 606 से भी ज्यादा किसानों के साथ की ठगी
ठगी के इस कारोबार की नींव पिछले साल अप्रैल महीने में पड़ी. महाराष्ट्र और कर्नाटक के 606 से भी ज्यादा किसानों के साथ ठगी करने के लिए इस गिरोह के सदस्य तुषार वल्लादास और नारायणलाल माली ने फर्जी आधारकार्ड, पैनकार्ड, वोटर आईडी सहित फर्जी दस्तावेज के जरिए अष्टविनायक ट्रेडिंग कंपनी नामक एक फर्जी ट्रेडिंग कम्पनी तैयार की. फर्जी कम्पनी के संस्थापक तुषार वल्लादास और नारायणलाल माली ने कोंकण, कोल्हापुर और बेलगाम के किसानों और काजू बनाने वाले और तैयार करने वाली कई छोटी-छोटी फर्मों से संपर्क किया और उन्हें इस बात का भरोसा दिलाया कि उनका काजू विदेशों में एक्सपोर्ट किया जाएगा.
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शुरू में किसानों और फर्म से बेहद ईमानदारी से किया गया व्यापार
शुरुआती दौर में इन सभी किसानों और फर्म से जो व्यापार किया गया, वह बेहद ईमानदारी से किया गया. किसानों को नकद पैसे मिले जिससे इन ठगों पर उनका भरोसा बढ़ गया लेकिन भरोसा जितने के पीछे इन दोनों ठगों की मंशा कुछ और थी, जब ठगों ने किसानों का भरोसा जीत लिया तो फिर 2018 की दीपावली से ठीक पहले इन किसानों को भरोसा दिलाया कि दीपावली सिर पर है और विदेशों को भेजे गए काजू के सैंपल के बाद बड़ी डिमांड आ रही है, लेकिन इतना बड़ा आर्डर पूरा करने के लिए उन्हें किसानों की मदद चाहिए.

ऐसे वादे करके दिया किसानों को झांसा
किसानों को उन पर भरोसा रखना होगा और उन्हें काजू के बदले पैसे देने में थोड़ा वक्त लगेगा, लेकिन किसान लाखों रुपए कमाएंगे उनके कर्ज उतर जाएंगे. उनकी जिंदगी खुशहाल हो जाएगी. इस बातों से किसानों को झांसा देकर इन ठगों ने किसानों को कंपनी के नाम का चेक थमाया और महाराष्ट्र के कोंकण, कोल्हापुर सहित महाराष्ट्र के कई हिस्सों और बेलगाम के किसानों से 33 टन काजू के बड़े कन्साइनमेंट को लेकर फरार हो गए. वहीं दूसरी तरफ ठगी के शिकार किसान हाथ में बाउंस हुए फर्जी चेक लेकर ठाणे में पुलिस और अन्य सरकारी विभागों में शिकायत कर रहे थे. ठगी की एक के बाद एक मिल रही शिकायतों के बाद ठाणे क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच शुरू की.

प्रताड़ना से तंग आकर किसान के बेटे ने कर ली थी आत्महत्या
बेलगाम का एक किसान गुलाम नसीर 25 लाख रुपये गंवाकर अपनी पत्नी के साथ जहां मुम्बई में इन ठगों की तलाश में चक्कर काट रहा था तो वहीं दूसरी तरफ नौवीं में पढ़ने वाला उसका बेटा अरमान स्कूल में अन्य बच्चों की वजह से प्रताड़ित हो रहा था. मां-बाप के कर्जे में डूबने और तबाह होने के दबाव में उसने कभी कुछ नहीं कहा लेकिन स्कूल में हो रही प्रताड़ना से तंग आकर उसने आत्महत्या कर ली थी. गुलाम नसीर आज भी उस वक्त को याद कर खुद को कोसने लगते हैं जब उनके साथ ठगी हुई और उस दबाव में वे अपने बेटे की तरफ ध्यान नहीं दे पाए थे.

रिपोर्ट - आशीष सिंह  

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First published: July 29, 2019, 6:23 PM IST
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