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बॉम्बे हाईकोर्ट ने NIA से मांगा जवाब, पूछा- मालेगांव बम विस्फोट मामले में इतनी देरी क्यों?
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Updated: February 26, 2020, 8:17 AM IST
बॉम्बे हाईकोर्ट ने NIA से मांगा जवाब, पूछा- मालेगांव बम विस्फोट मामले में इतनी देरी क्यों?
बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency) से मालेगांव विस्फोट मामले में देरी पर सफाई भी देने को कहा.

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  • Last Updated: February 26, 2020, 8:17 AM IST
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मुंबई. बंबई हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने मंगलवार को एक तीखी टिप्पणी में कहा कि 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में मुकदमे में कोई प्रभावी प्रगति नहीं हुई है. इस मामले में भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर (Pragya Singh Thakur) एक आरोपी हैं. हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency) से इस देरी पर सफाई भी देने को कहा. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बी पी धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति एन आर बोरकर की खंडपीठ मामले के दूसरे आरोपी समीर कुलकर्णी की अर्जी पर सुनवाई कर रही थी जिसमें दावा किया गया था कि अभियोजन, एनआईए और कुछ अन्य आरोपी जानबूझकर मुकदमे में देरी करा रहे हैं.

अभी तक 14 लोगों की गवाही
कुलकर्णी ने इशारा किया कि हाईकोर्ट ने अक्टूबर 2018 में मुंबई में विशेष एनआईए अदालत को आदेश दिया था कि मुकदमे में तेजी लाई जाए, लेकिन पिछले छह महीने में केवल 14 गवाहों से पूछताछ की गयी है. अदालत ने जनवरी 2019 में एनआईए अदालत के न्यायाधीश से कहा था कि अगर कोई व्यक्ति निचली अदालत के साथ सहयोग नहीं कर रहा तो सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट दी जाए.

कोर्ट ने पुछा एनआईए से समय लगने का कारण



निचली अदालत द्वारा मंगलवार को जमा की गयी दो रिपोर्टों का अध्ययन करने के बाद हाईकोर्ट ने कहा, प्रथमदृष्टया हमें पता चला कि अभी तक मुकदमे में कोई प्रभावी प्रगति नहीं हुई है. पीठ ने एनआईए को यह बताने को कहा कि मुकदमा इतना लंबा क्यों चला. पीठ ने सुनवाई 16 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी. महाराष्ट्र के मालेगांव कस्बे में 29 सितंबर, 2008 को एक मस्जिद के पास एक मोटरसाइकिल पर बांधे गये विस्फोटक उपकरण से हुए विस्फोट में छह लोग मारे गये थे और 100 लोग घायल हो गये.

पिछले साल भोपाल से लोकसभा चुनाव जीतने वाली प्रज्ञा सिंह ठाकुर मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी हैं. उन्हें कुछ धाराओं के तहत बरी कर दिया गया था लेकिन कुछ अन्य आरोपों में उन पर मुकदमा चल रहा है. अन्य आरोपियों में सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित, रमेश उपाध्याय, अजय राहिरकर, सुधाकर द्विवेदी और सुधाकर चतुर्वेदी हैं.

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First published: February 26, 2020, 7:50 AM IST
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