लाइव टीवी

महाराष्ट्र में सियासी घमासान, इधर सड़कों पर उतरे किसान, जमकर किया प्रदर्शन

News18Hindi
Updated: November 14, 2019, 2:07 PM IST
महाराष्ट्र में सियासी घमासान, इधर सड़कों पर उतरे किसान, जमकर किया प्रदर्शन
कहीं सूखे तो कहीं बाढ़ के चलते तबाह हुई फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर बड़ी संख्या में किसानों ने राजभवन की तरफ कूच किया.

बाढ़ (Flood) और सूखे के चलते फसलों को हुए नुकसान के बाद किसानों (Farmer) ने राजभवन की तरफ किया मार्च, मामला बिगड़ता देख बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को पुलिस (Police) ने हिरासत में लिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 14, 2019, 2:07 PM IST
  • Share this:
मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) में एक तरफ सियासी घमासान का दौर जारी है. सभी की नजरें राजनीतिक पार्टियों पर हैं कि किस की सरकार बनेगी और कौन मुख्यमंत्री (Chief Minister) की कुर्सी पर बैठेगा. लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के बीच सूबे में मौसम की मार झेल चुके किसानों (Farmer) को शायद सभी लगभग भूल चुके थे. इसी बीच किसानों ने अब मुंबई (Mumbai) में प्रदर्शन कर दिया है. कहीं सूखे तो कहीं बाढ़ के चलते तबाह हुई फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर बड़ी संख्या में किसानों ने राजभवन की तरफ कूच किया. इस दौरान राजनीतिक पार्टियों के विरोध में नारेबाजी की गई. किसान अपने साथ नष्ट हुई फसलें भी लेकर आए थे.

मामला बढ़ता दिखा तो हिरासत में लिया
किसान जैसे जैसे राजभवन की तरफ बढ़े तो इनकी संख्या में लगातार इजाफा होता गया. इस दौरान मामला बिगड़ता देख पुलिस ने बड़ी संख्या में किसानों को हिरासत में ले लिया. इसके बाद प्रदर्शन खत्म हो सका. हालांकि इस दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा की खबर नहीं है.

कहीं सूखा तो कहीं बाढ़
गौरतलब है कि पिछले चार महीनों में महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में तो भारी बारिश ने फसलों को तबाह कर दिया था. वहीं एक इलाका ऐसा भी था जहां पर बारिश की इतनी कमी रही कि उसे सूखाग्रस्त घोषित करना पड़ा और यहां पर भी किसानों के हाल खराब दिखे. इसके बाद सरकार ने मुआवजे की बात भी कही. साथ ही चुनावों के दौरान भी किसानों को मुआवजे का सपना दिखाया गया लेकिन अब किसानों ने आखिर सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करने का ही निर्णय लिया.



News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए Mumbai से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 14, 2019, 2:07 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर