कोरोना से हुई पिता की मौत, अब बेटा मरीजों को मुफ्त में बांट रहा है इस वायरस की सबसे कारगर दवा रेमडेसिवीर
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कोरोना से हुई पिता की मौत, अब बेटा मरीजों को मुफ्त में बांट रहा है इस वायरस की सबसे कारगर दवा रेमडेसिवीर
सांकेतिक तस्वीर

Remdesivir: अब तक इस शख्स ने इस दवा से 25 लोगों की जान बचाई है. और इसके लिए वो करीब 5 लाख रुपये खर्च कर चुके है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 25, 2020, 11:20 AM IST
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मुंबई. मुंबई के जाने-माने पुलमोनोलॉजिस्ट डॉक्टर जलील पारकर आज जिंदा हैं तो सिर्फ और सिर्फ कोरोना वायरस (Coronavirus) की सबसे कारगर दवा रेमडेसिवीर (Remdesivir) की बदौलत. भारत में इस दवा को लॉन्च करने के लिए सरकार ने हरी झंडी दे दी है. हालांकि इस वक्त ये बाजार में आसानी से नहीं मिल रही है. लेकिन पारकर को 53 साल के एक शख्स ने सही वक्त पर दवा देकर उनकी जान बचा ली. ये एक ऐसी कहानी है जिसे पढ़कर आप भावुक हो जाएंगे.

ऐसे बची डॉक्टर की जान
मुंबई में डॉक्टर पारकर अब तक 200 से ज्यादा कोरोना के मरीजों का इलाज कर चुके हैं. लेकिन इलाज करते करते वो खुद कोरोना के शिकार हो गए. पिछले हफ्ते वो 5 दिनों तक हॉस्पिटल के ICU में भर्ती रहे. लेकिन रेमडेसिवीर दवा से उनकी जान बच गई. दरअसल ये दवा उन्हें एक ऐसे शख्स ने दी जिनके पिता की पिछले दिनों कोरोना से मौत हो गई. उनका इलाज डॉक्टर पारकर ही कर रहे थे. इस शख्स ने अपने पिता को भी ये दवा दी. लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. अंग्रेजी अखबार मुंबई मिरर से बातचीत करते हुए डॉक्टर पारकर ने कहा कि उनके पिता 12 दिनों तक आईसीयू में रहे, लेकिन वो उन्हें काफी देर से रेमडेसिवीर का डोज दे सके. जिससे बाद में उनकी मौत हो गई.

अब तक 5 लाख की दवाई
अब तक इस शख्स ने इस दवा से 25 लोगों की जान बचाई है. और इसके लिए वो करीब 5 लाख रुपये खर्च कर चुके है. डॉक्टर की जान बचाने वाले ये शख्स अपना नाम नहीं बताना चाहते हैं. दरअसल उनका तर्क है कि लोगों को पता लग जाएगा कि वो आखिर कहां से दवा मंगाते हैं. उन्होंने कहा कि ये दवा बांग्लादेश में उपलब्ध है. वहां से इनके दोस्त इस दवा को कोरियर सर्विस के जरिए कोलकाता भेजते हैं. इसके बाद इसे मुंबई भेजा जाता है. बांग्लादेश में रेमडेसिवीर की एक शीशी की कीमत 65 डॉलर है. इस शख्स ने कहा है कि वो और लोगों की मदद करेंगे. उन्होंने कहा कि उनके पिता की जान नहीं बच सकी. लेकिन वो दूसरों की मदद करना चाहते हैं.



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रेमडेसिवीर के फायदे
अमेरिका, भारत और दक्षिण कोरिया में संक्रमण के गंभीर मरीजों के इलाज में रेमडेसिवीर के इस्‍तेमाल की अनुमति दे दी गई है. वहीं, जापान में इसके पूरे इस्‍तेमाल की मंजूरी है. हालांकि, सिप्‍ला ने अभी तक ये साफ नहीं किया है कि CIPREMI कब से इलाज के लिए बाजार में उपलब्‍ध हो जाएगी. अमेरिका में अभी तक रेमडेसिवीर की कीमत तय नहीं की जा सकी है. गिलीड ने कहा है कि साल के अंत तक 2 करोड़ से ज्‍यादा कोरोना मरीजों को रेमडेसिवीर उपलब्‍ध करा दी जाएगी. रेमडेसिवीर का ट्रायल अमेरिका, यूरोप और एशिया के 60 सेंटर्स में 1063 मरीजों पर किया गया था. ट्रायल में दवा ने बेहतर रिकवरी में मदद की. रेमडेसिवीर दिए जाने वाले मरीजों में मृत्यु दर 7.1 फीसदी रही.
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