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गाना गाने से लेकर खाना बांटने तक- लोगों को घरों में रखने के लिए ये उपाय कर रही मुंबई पुलिस

तेजी से आ रहे पुलिसकर्मी कोरोना की चपेट में
तेजी से आ रहे पुलिसकर्मी कोरोना की चपेट में

Coronavirus Lockdown: इंस्पेक्टर शिंडे और उनकी टीम मुंबई की सड़कों पर हर रोज करीब 12 घंटे की ड्यूटी करती है. उन्होंने कहा, 'लोगों को घर में रखने के लिए मैंने डंडे का भी इस्तेमाल किया और अब मैं देशभक्ति गीत गा रहा हूं.'

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 30, 2020, 11:23 AM IST
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(श्रेया ढौंडियाल)

मुंबई. कोरोना वायरस को लेकर लॉकडाउन (Coronavirus Lockdown) के चलते लोगों को घरों में रोकने के लिए मुंबई पुलिस (Mumbai Police) कई अनोखे तरीके अपना रही है. मुंबई की सड़कों पर इंसपेक्टर संदीप शिंडे इन दिनों अपने गानों को लेकर बेहद लोकप्रिय हो गए हैं. वो आमिर खान की फिल्म सरफ़रोश का गाना गाकर लोगों को बाहर नहीं आने के लिए कह रहे हैं. इस दौरान लाउस्पीकर पर उनका गया- 'जिंदगी मौत न बन जाए संभालो यारो' गाना सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हुआ.

शिंडे ने कहा, 'मुंबई के झुग्गी झोपड़ी वाले इलाकों में लोगों को आखिर कैसे घरों के अंदर रहने के लिए कहा जाए. मेरे आइडिया खत्म हो रहे हैं. मैं लोगों को इटली और स्पेन के बारे में कहता हूं, लेकिन वो नहीं समझते हैं. मैंने डंडे का भी इस्तेमाल किया और अब मैं देशभक्ति गीत गा रहा हूं. इसके बावजूद भी 40 फीसदी लोग सुनने के लिए तैयार नहीं हैं.'



इंसपेक्टर शिंडे और उनकी टीम मुंबई की सड़कों पर हर रोज करीब 12 घंटे की ड्यूटी करती है. झुग्गियों के मेन गेट के सामने कई लोग दिख रहे थे. जब मैंने पूछा कि आखिर लोग क्यों कर्फ्यू तोड़ रहे हैं तो उनका कहना था, 'एक झुग्गी में करीब 10 लोग रहते हैं. हमें पता है कि साफ हवा के लिए वो बाहर आएंगे. लोगों को सब्जियां और दूध खरीदनी है. ऐसे में हर चीज को ध्यान में रख कर लोगों को छूट देते हैं.'
पास में ही इलाके के डीसीपी अभिषेक कुमार खड़े हैं. उन्हें इंतज़ार है डेढ़ सौ खाने के पैकेट का, जो समर्पण नाम के एक एनजीओ ने भेजा है. ये पैकेट छत्तीसगढ़ के मजदूरों के लिए हैं, जो यहां लॉकडाउन में फंस गए हैं. इन्हीं में से एक मजदूर ने कहा, 'हम सब को लग रहा था कि सोमवार तक हमलोग वापस चले जाएंगे. लेकिन पीएम ने रविवार को लॉकडाउन का ऐलान कर दिया. हमारे पैसे खत्म हो गए हैं. इसलिए हमने पुलिस को मैसेज भेजकर मदद मांगी है.'

डीसीपी के मुताबिक, यहां हर रोज 500-600 फुड पैकेट्स बांटे जा रहे हैं और यहां किसी को कोई कमी नहीं हो रही है. 23 मार्च के बाद हमारा काम करने का तरीका बदल गया है. पिछले 10 दिनों में कोई बड़ी आपराधिक घटना नहीं हुई है.

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