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अजमल कसाब से जबरन बुलवाया था 'भारत माता की जय', 160 लाशें देख खराब हो गई थी हालत: राकेश मारिया
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Updated: February 19, 2020, 10:03 AM IST
अजमल कसाब से जबरन बुलवाया था 'भारत माता की जय', 160 लाशें देख खराब हो गई थी हालत: राकेश मारिया
राकेश मारिया (फाइल)

मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया (Rakesh Maria) की किताब 'Let Me Say It Now' जल्द रिलीज होने वाली है. इसमें उन्हें 26/11 हमले को लेकर कई बड़े खुलासे किए हैं.

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  • Last Updated: February 19, 2020, 10:03 AM IST
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मुंबई. मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया (Rakesh Maria) की किताब 'Let Me Say It Now' रिलीज होने से पहले ही चर्चा बटोर रही है. इस किताब में उन्होंने साल 2008 में हुए मुंबई हमले को लेकर कई बड़े खुलासे किए हैं. 26/11 हमले के जांच करने वाली टीम का नेतृत्व कर चुके पूर्व पुलिस प्रमुख राकेश मारिया ने कहा कि गिरफ्तार किए गए लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एकमात्र आतंकी अजमल कसाब (Mohammed Ajmal Amir Kasab) से उन्होंने जबरन 'भारत माता की जय' के नारे लगवाए थे.

पूर्व आईपीएस ऑफिसर राकेश मारिया ने आगे बताया, 'गिरफ्तारी के तुरंत बाद हम कसाब को मुर्दाघर (Morgue) लेकर गए थे, जहां हमले में मारे गए 160 लोगों की लाशें रखी थी. लाशों को दिखाकर कसाब से पूछा गया था कि क्या यही जिहाद के लिए उसका सहयोग है?' मारिया आगे कहते हैं, 'मुर्दाघर में उसके साथियों की लाशें भी थीं, जिन्हें देखकर कसाब की हालत खराब हो गई थी. वह उल्टियां करने वाला था.'

पूर्व आईपीएस ऑफिसर आगे बताते हैं, 'पूछताछ के दौरान कई मौके पर कसाब अपना होश खोने लगा था, लेकिन उसने कभी अपने किए के लिए शर्मिंदगी या पछतावा जाहिर नहीं किया.'

राकेश मारिया अपनी आत्मकथा 'Let Me Say It Now' में एक जगह लिखते हैं:-



काफिला मेट्रो जंक्शन की तरफ आया. हम उसी जगह आकर रुके, जहां इस दरिंदे (अजमल कसाब) ने कुछ दिन पहले मौत बरसाई थी. जहां मेरे प्यारे सहयोगियों और निर्दोष नागरिकों की लाशें बिछी हुई थीं. मुझे नहीं पता कि अचानक मुझे क्या हुआ? मैंने काफिला रोक दिया और कार से बाहर निकल आया. मैंने अजमल कसाब को बाहर लाने को कहा. तब सुबह के कुछ 4:30 बजे होंगे. सर्द हवा चल रही थी. मंदिर और मस्जिद भी नहीं खुले थे.'

'मैंने कसाब को ऑर्डर दिया- नीचे झुको और जमीन पर अपना माथा टेको . वह चुपचाप मेरे निर्देशों का पालन करने लगा.'

'अब कहो- भारत माता की जय.'

'भारत माता की जय! कहो- कसाब. एक बार सुनके मैं संतुष्ट नहीं हुआ. मैंने उसे कई बार भारत माता की जय कहने को बोला.'

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अजमल कसाब


हमले को हिंदू आतंकवाद का रूप देना चाहता था आईएसआई
मारिया के मुताबिक, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेस इंटेलिजेंस (ISI) ने 26/11 हमले को हिंदू आतंकवाद का रूप देने की साजिश रची थी. आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) ने आईएसआई का साथ दिया था. इसके लिए आईएसआई ने अजमल कसाब समेत सभी 10 हमलावरों को फेक आई कार्ड के साथ उन्हें हिंदू बनाकर मुंबई भेजा था.

कसाब के पास मिली थी बेंगलुरु के युवक की आईडी
इन हमलावरों में सिर्फ कसाब को ही जिंदा पकड़ा जा सका था. पुलिस को उसके पास से बेंगलुरु के रहने वाले किसी समीर दिनेश चौधरी का फर्जी आईकार्ड भी मिला था. हिंदू दिखने के लिए कसाब ने अपने दायें हाथ की कलाई में कलावा (मौली) भी बांध रखा था. पुलिस की ओर से जारी कसाब की फोटो में कलावा देखा जा सकता है

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कसाब को यरवदा जेल में फांसी दी गई थी.


भारतीय मुस्लिमों को लेकर ऐसी सोच रखता था कसाब
राकेश मारिया ने अपनी किताब में लिखा कि अजमल कसाब भारत के मुस्लिमों को लेकर अजीब सोच रखता था. उसका मानना था कि हिंदुस्तान में मुसलमानों को नमाज़ पढ़ने की इजाजत नहीं है और मस्जिदों में ताले लगे होते हैं. लेकिन, जब उसने लॉकअप में पांचों वक्त की नमाज सुनी, तो हैरान रह गया. ये उसकी कल्पना के बाहर की चीज थी.

मारिया आगे कहते हैं, 'जब मुझे कसाब की इस सोच के बारे में पता चला तो मैंने इंवेस्टिगेटिंग ऑफिसर रमेश महाले को निर्देश दिया कि वह कसाब को मेट्रो सिनेमा के पास स्थित मस्जिद में लेकर जाए. वहां का नजारा देखकर कसाब सकते में आ गया था. लोग शांतिपूर्वक नमाज अदा कर रहे थे.'

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First published: February 19, 2020, 9:44 AM IST
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